सीजी भास्कर, 1 अप्रैल। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में जोरदार तरीके (Chhattisgarh Railway Demand) से मुद्दा उठाया। शून्यकाल के दौरान उन्होंने प्रदेश के आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों को मजबूत रेल नेटवर्क से जोड़ने की जरूरत पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग की।
सांसद ने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कई दूरस्थ इलाकों में अब भी पर्याप्त रेल कनेक्टिविटी नहीं है, जिससे वहां के लोगों को आवागमन और विकास दोनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नई रेल लाइनों का निर्माण और मौजूदा सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है।
नई रेल लाइन से जुड़ेगी धार्मिक और आर्थिक धारा
फूलोदेवी नेताम ने पेंड्रा रोड से अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला, घंसौर, लखनादौन होते हुए गोटेगांव (श्रीधाम) तक प्रस्तावित रेल लाइन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल आदिवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देगी।
उन्होंने कहा कि अमरकंटक और नर्मदा क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु (Chhattisgarh Railway Demand) आते हैं, लेकिन बेहतर रेल सुविधा के अभाव में उन्हें परेशानी होती है। यह रेल मार्ग बनने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बिलासपुर को प्रमुख रेल योजना में शामिल करने की मांग
सांसद नेताम ने बिलासपुर को CTCE Plan-2030 में शामिल करने की मांग उठाते हुए कहा कि यह क्षेत्र रेलवे के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। इसके बावजूद इसे कई राष्ट्रीय योजनाओं में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया है।
उन्होंने रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस और नागपुर-मुंबई दुरंतो ट्रेन का विस्तार बिलासपुर तक करने की भी मांग की, जिससे यात्रियों को सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
कोरबा क्षेत्र के लिए विशेष मांग
कोरबा क्षेत्र को लेकर सांसद ने कहा कि वहां रेल सुविधाओं के विस्तार की बेहद जरूरत है। उन्होंने कोरबा-बीकानेर एक्सप्रेस को जल्द शुरू करने और कोरबा से नई दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन चलाने की मांग रखी।
इसके साथ ही कोरबा स्टेशन पर तैयार पिटलाइन को तत्काल शुरू करने की जरूरत बताई, ताकि ट्रेनों के संचालन में आसानी हो और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
विकास के लिए जरूरी है मजबूत रेल नेटवर्क
फूलोदेवी नेताम ने कहा कि रेल नेटवर्क केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि विकास (Chhattisgarh Railway Demand) की धुरी है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इन सभी लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए और जल्द से जल्द उन्हें धरातल पर उतारा जाए।
लोगों की उम्मीदों से जुड़ा मुद्दा
सांसद ने कहा कि यह मुद्दा केवल बुनियादी सुविधा का नहीं, बल्कि लाखों लोगों की जरूरत और उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। यदि इन रेल परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाता है, तो इससे छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।


