सीजी भास्कर, 1 अप्रैल। बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है और इसी बीच Manoj Tiwari के एक बयान ने चर्चाओं (Bihar New CM Announcement) को और हवा दे दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि राज्य को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने वाला है। इतना ही नहीं, भोजपुरी स्टार से नेता बने Pawan Singh को लेकर भी बड़ा संदेश दिया गया है, जिससे सियासी समीकरणों में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
10 अप्रैल को होगा नए मुख्यमंत्री के नाम का खुलासा (Bihar New CM Announcement)
रोहतास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मनोज तिवारी ने साफ कहा कि बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान 10 अप्रैल को किया जाएगा। हालांकि उन्होंने किसी भी नाम का खुलासा करने से परहेज किया, लेकिन यह जरूर कहा कि पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से होगी और इसमें सभी सहयोगी दलों की सहमति शामिल होगी। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर तेज हो गया है।
पवन सिंह को लेकर दिया बड़ा संकेत
पवन सिंह को लेकर उठ रहे सवालों पर मनोज तिवारी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें “यूज” किए जाने की बात पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पवन सिंह पार्टी के समर्पित और मेहनती (Bihar New CM Announcement) कार्यकर्ता हैं। चुनाव के दौरान उनकी सक्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। तिवारी ने यह भी कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत को पहचानती है और उन्हें उनका हक जरूर देती है। इस बयान को पवन सिंह के लिए बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्ष पर साधा निशाना
इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर भी जमकर हमला बोला। उनका कहना था कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह इस तरह की बातें फैलाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में हर कार्यकर्ता को सम्मान मिलता है और पार्टी की कार्यशैली पारदर्शी है, जहां व्यक्तिगत लाभ से ज्यादा संगठन और देशहित को प्राथमिकता दी जाती है।
परिवारवाद पर भी रखी राय
बिहार की राजनीति में परिवारवाद के मुद्दे पर भी मनोज तिवारी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी पर भी बिना आधार के परिवारवाद का आरोप लगाना सही (Bihar New CM Announcement) नहीं है। उनके मुताबिक, परिवारवाद तब माना जाता है जब कोई नेता अपने पद का इस्तेमाल कर अपने परिवार के सदस्यों को सत्ता में स्थापित करता है। उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह का आरोप सही नहीं ठहरता।
इस्तीफे और बदलाव पर क्या बोले
मुख्यमंत्री पद में संभावित बदलाव को लेकर उन्होंने कहा कि राजनीति में समय-समय पर नेतृत्व परिवर्तन होता रहता है। इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताते हुए उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का अनुभव हमेशा पार्टी के काम आता है और आगे भी उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
मनोज तिवारी के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खासकर 10 अप्रैल की तारीख अब बेहद अहम मानी जा रही है। साथ ही पवन सिंह को लेकर दिए गए संकेतों ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में पार्टी के अंदर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अब सबकी नजर उस दिन पर टिकी है, जब नए मुख्यमंत्री के नाम से पर्दा उठेगा और बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंच सकती है।


