Dhamtari Collector Anganwadi Inspection : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शिक्षा और पोषण की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला कलेक्टर ने एक सराहनीय पहल की। एक सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का एक अलग ही रूप देखने को मिला। प्रशासनिक औपचारिकताएं छोड़कर वे सीधे बच्चों के बीच जमीन पर बैठ गए और एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए उनकी प्रारंभिक शिक्षा के स्तर का आकलन किया।
फलों, रंगों और जानवरों के नाम से परखी समझ
कलेक्टर ने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने खेल-खेल में बच्चों से फलों, रंगों और विभिन्न जानवरों के नाम पूछे। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ कलेक्टर के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता (Learning Ability) और उनके आत्मविश्वास को गहराई से परखा। बच्चों द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कलेक्टर का मन मोह लिया और उन्होंने बच्चों का भरपूर उत्साहवर्धन किया।
पोषण और स्वास्थ्य व्यवस्था का गहन निरीक्षण
सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों के शारीरिक विकास पर भी कलेक्टर का पूरा ध्यान रहा। उन्होंने केंद्र में निम्नलिखित व्यवस्थाओं का जायजा लिया:
- पोषण आहार: बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते और भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई।
- स्वास्थ्य रिकॉर्ड: बच्चों के वजन मापन और कुपोषण के स्तर की जानकारी ली गई।
- अभिलेख संधारण: केंद्र में उपस्थिति पंजी और अन्य रिकॉर्ड के रखरखाव को संतोषजनक पाया गया।
‘कुपोषण मुक्त अभियान’ को और प्रभावी बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि ‘कुपोषण मुक्त अभियान’ में कोई ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने हर बच्चे की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के लिए विशेष डाइट प्लान लागू करने को कहा।
गर्मी को देखते हुए विशेष एहतियात
बढ़ती गर्मी के मद्देनजर कलेक्टर ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश जारी किए:
- पेयजल: केंद्रों में ठंडे और स्वच्छ पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- व्यक्तिगत स्वच्छता: बच्चों को अपनी पानी की बोतल रखने और हाथ धोने जैसी स्वच्छता की आदतें विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाए।
- वितरण: निरीक्षण के अंत में बच्चों को खिलौने और मिठाइयां बांटकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी गई।
अधिकारियों को ‘शिक्षा-स्वास्थ्य’ का मंत्र
कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ही एक स्वस्थ और शिक्षित समाज की नींव होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां मिलने वाली प्रारंभिक शिक्षा और पोषण को इतना मजबूत किया जाए कि आने वाले समय में जिले का हर बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बने।


