रायपुर/बस्तर: Congress Demand Bastar Development : छत्तीसगढ़ में बस्तर के विकास और चुनावी वादों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मांग की है कि नक्सल मुक्त घोषित किए गए बस्तर के प्रत्येक गांव को तत्काल 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए।
“वादा निभाओ” अभियान: 1 करोड़ की राशि पर अड़ी कांग्रेस
कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने पूर्व में यह घोषणा की थी कि जो गांव नक्सली प्रभाव से पूरी तरह मुक्त होंगे, उन्हें विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
- तर्क: पार्टी के अनुसार, चूंकि सरकार अब प्रदेश और विशेषकर बस्तर को ‘नक्सल मुक्त’ होने का दावा कर रही है, तो इस वादे को जमीन पर उतारने का यही सही समय है।
- विशेष आर्थिक पैकेज: कांग्रेस ने बस्तर के लिए एक अलग आर्थिक पैकेज की भी मांग की है ताकि सुदूर वनांचलों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ा जा सके।
NMDC मुख्यालय बस्तर लाने की पुरानी मांग तेज
खनिज संपदा से भरपूर बस्तर के हक की आवाज उठाते हुए कांग्रेस ने एक बार फिर NMDC (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) का मुख्यालय हैदराबाद से हटाकर बस्तर में स्थापित करने की मांग दोहराई है।
“जब लोहा बस्तर का है, मुनाफा बस्तर से हो रहा है, तो दफ्तर और रोजगार के अवसर बाहर क्यों? मुख्यालय यहीं होने से स्थानीय युवाओं को सीधे तौर पर नौकरियां मिलेंगी।” — कांग्रेस प्रतिनिधि
निजीकरण और संसाधनों की सुरक्षा पर चिंता
पार्टी ने बस्तर की खनिज संपदा के निजीकरण को लेकर गहरी चिंता जताई है। कांग्रेस ने सरकार से तीन मुख्य बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है:
- संसाधनों का संरक्षण: सरकार लिखित आश्वासन दे कि बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों को निजी हाथों में नहीं सौंपा जाएगा।
- स्थानीय हित: खदानों और उद्योगों में पहला हक वहां के आदिवासियों और स्थानीय निवासियों का हो।
- वनोपज उद्योग: क्षेत्र में वनोपज आधारित लघु उद्योगों का जाल बिछाया जाए ताकि पलायन रुक सके।
युवाओं के लिए विशेष भर्ती और रेल कनेक्टिविटी
कांग्रेस ने बस्तर के युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की जरूरत बताई है। साथ ही, वर्षों से लंबित रेल परियोजनाओं (जैसे रावघाट-जगदलपुर लाइन) को युद्ध स्तर पर पूरा करने की मांग की है। पार्टी का मानना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी के बिना बस्तर का औद्योगिक और सामाजिक विकास अधूरा है।
मुख्य मांगें एक नज़र में:
- नक्सल मुक्त गांवों को: ₹1 करोड़ की तत्काल सहायता।
- NMDC: मुख्यालय की बस्तर में स्थापना।
- निजीकरण: बस्तर के संसाधनों के निजीकरण पर पूर्ण रोक।
- रोजगार: बस्तर के युवाओं के लिए विशेष पुलिस और प्रशासनिक भर्ती।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: लंबित रेल और सड़क परियोजनाओं को जल्द पूरा करना।
इस राजनीतिक हलचल के बाद अब सबकी नजरें सरकार के जवाब पर टिकी हैं कि वह इन मांगों और पुराने वादों पर क्या रुख अपनाती है।


