कोरबा: Korba Salesman Fake Loot Story : पुलिस को गुमराह कर लूट की झूठी कहानी गढ़ने वाले एक सेल्समैन का भंडाफोड़ हुआ है। जांजगीर-चांपा के एक शोरूम में कार्यरत सेल्समैन ने 4.50 लाख रुपये की लूट की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिसिया जांच और सख्ती के सामने उसकी ‘स्क्रिप्ट’ फेल हो गई।
क्या थी ‘लूट’ की झूठी कहानी?
बिलासपुर निवासी प्रयांश देवांगन, जो कृष्णा हुंडई में सेल्समैन और कलेक्शन का काम करता है, कोतवाली थाने पहुंचा था। उसने पुलिस को बताया कि रास्ते में अज्ञात बदमाशों ने उसे रोककर उससे 4 लाख 50 हजार रुपये नकद लूट लिए हैं।
बयानों के जाल में खुद ही उलझा आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और उच्चाधिकारी सक्रिय हो गए। जिले में नाकाबंदी और जांच शुरू की गई, लेकिन जब कोतवाली टीआई मोतीलाल पटेल ने प्रयांश से घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की, तो वह उलझ गया:
- बदलते बयान: वह बार-बार लूट के स्थान और समय को लेकर अलग-अलग बातें कहने लगा।
- संदेह: पुलिस को उसकी बॉडी लैंग्वेज और घटना के विवरण पर शक हुआ, क्योंकि घटनास्थल के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई थी।
सच आया सामने: ‘अमानत में खयानत’
जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो प्रयांश टूट गया और उसने स्वीकार किया कि कोई लूट नहीं हुई थी। उसने बताया कि:
- उसने कलेक्शन के साढ़े चार लाख रुपये खुद ही खर्च कर दिए थे।
- गबन को छुपाने के लिए और शोरूम मालिक को जवाब देने से बचने के लिए उसने लूट का ड्रामा रचा।
- उसने सोचा था कि पुलिस केस दर्ज होने के बाद उसे पैसे नहीं लौटाने पड़ेंगे।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत (Breach of Trust) और पुलिस को गुमराह करने के मामले में अपराध दर्ज कर लिया है।
पुलिस का संदेश: “अपराध की झूठी सूचना देना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे पुलिस का कीमती समय और संसाधन भी नष्ट होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस कड़ी वैधानिक कार्रवाई करेगी।” — कोतवाली पुलिस, कोरबा


