दिनेश दुबे – बेमेतरा : Bemetara Aman Dhruw Murder : बेमेतरा के बहुचर्चित अमन ध्रुव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) को गिरफ्तार किया है। 3 अप्रैल की रात शोभायात्रा के दौरान हुए मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद चाकूबाजी में घायल अमन की इलाज के दौरान बिलासपुर के सिम्स (SIMS) अस्पताल में मौत हो गई।
क्या थी घटना? (3 अप्रैल की रात)
पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने प्रेस वार्ता में बताया कि 3 अप्रैल की रात करीब 10 बजे धार्मिक शोभायात्रा प्रताप चौक पहुंची थी। वार्ड नंबर 15 निवासी अमन ध्रुव वहां साउंड सिस्टम की धुन पर नाच रहा था। इसी दौरान नाचने की बात को लेकर एक नाबालिग से उसका विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि नशे में धुत नाबालिग ने धारदार हथियार से अमन के पेट के दाहिने हिस्से पर वार कर दिया।
भाई से छिपाई सच्चाई, बताया ‘रोड एक्सीडेंट’
हैरानी की बात यह है कि घायल अमन ने हमले के बाद अपने बड़े भाई को चाकूबाजी की बात न बताकर इसे सड़क हादसा बताया। रायपुर में प्राथमिक उपचार के बाद वह घर लौट आया। लेकिन 6 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले जिला अस्पताल और फिर सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया, जहां 7 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। बिलासपुर पुलिस से मर्ग डायरी मिलने के बाद बेमेतरा पुलिस ने धारा 103(1) BNS के तहत हत्या का मामला दर्ज किया।
19 सदस्यीय टीम ने ऐसे पकड़ा कातिल
कोतवाली प्रभारी सोनल ग्वाला और साइबर सेल प्रभारी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में 19 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। पुलिस ने:
- सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगाली।
- रैली में मौजूद चश्मदीदों से लंबी पूछताछ की।
- जांच में सामने आया कि घटना की रात अमन का एक नाबालिग से झगड़ा हुआ था। संदेह के आधार पर जब नाबालिग से पूछताछ की गई, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया।
नशे की लत ने बनाया अपराधी
सूत्रों और पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी नाबालिग नशे का आदी है और घटना के वक्त भी वह नशे में था। मामूली विवाद में आपा खोने के कारण उसने हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिया है। आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह, दुर्ग भेज दिया गया है।


