बैज बोले-हम नहीं जाते तो हो जाती लीपापोती
सीजी भास्कर, 17 अप्रैल | रायपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने वेदांता पावर प्लांट में 3 दिन पहले हुए हादसे को घोर लापरवाही का नतीजा बताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस का जांच दल वहां नहीं जाता तो मामले में लीपापोती हो जाती. हादसे पर सरकार को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए. (Vedanta plant accident)
हर 3 महीने में एक बड़ा औद्योगिक हादसा : Vedanta plant accident
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मंत्री सत्य नारायण शर्मा और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ वेदांता पावर प्लांट के मुद्दे को लेकर मीडिया के सामने आए. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं. बीजेपी सरकार बनने के बाद हर 3 महीने में एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो रहा है. ढाई साल में 300 से ज्यादा लोगों की औद्योगिक दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है.(Vedanta plant accident)
हादसे के बाद वेदांता पावर प्लांट के निरीक्षण का जिक्र करते हुए बैज ने कहा कि कांग्रेस जांच दल ने अधिकारियों के साथ स्थानीय लोगों से बातचीत की. मौके पर भयावह स्थिति नजर आई. लोगों में दहशत का माहौल है. बंद पड़े एथेनॉल प्लांट को वेदांता ने खरीदा, साल भर पहले शुरू किया.(Vedanta plant accident)
उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंद प्लांट को चालू करने से पहले जरूरी है कमीशनिंग, लेकिन मौके पर जंग लगी मशीनों के साथ खराब पार्ट्स ही नजर आए, नए पार्ट्स नजर नहीं आए. बॉयलर ब्लास्ट से हुई मौतें सवाल उठता है कि क्या प्रेशर लिमिट से ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा था? वाटर लेवल इंडिकेटर की स्थिति भी संदिग्ध थी.(Vedanta plant accident)
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने पावर प्लांट हादसे को लेकर कहा कि 20 लोगों की मौत हुई हैं लेकिन बहुत ही सामान्य धाराओं में एफआईआर दर्ज है. घर बैठे ही उनकी जमानत हो जाएगी. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गैर जमानती धाराएं नहीं लगानी चाहिए. उन्होंने दोषियों पर बीएनएस की धारा 105 के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह बड़े उद्योगपतियों के समक्ष सरकार का सरेंडर हैं.(Vedanta plant accident)
नेता प्रतिपक्ष ने घटना की जांच सीनियर आईएएस के माध्यम से कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि एफआईआर में जांच के साथ ही पूरा संदर्भ होना चाहिए. इसके साथ उन्होंने न्यायिक जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि हाई कोर्ट के सिटिंग जज के जरिए न्यायिक जांच पूरी करा ली जाए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटनाएं हो रही है. हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि प्रदेश सरकार द्वारा बर्न यूनिट का निर्माण कराया जाए.(Vedanta plant accident)
आदिवासियों के अधिकारों पर डाका डालने जैसा है यूसीसी
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने यूसीसी (यूनिफार्म सिविल कोड) को आदिवासियों के अधिकारों पर डाला डालने जैसा बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत से ज्यादा आदिवासी निवासरत हैं. ग्राम सभा को पावर दिया गया है, पेशा एक्ट लागू है. सरकार एक कानून लागू करेगी तो आदिवासियों का अधिकार कैसे सुरक्षित रहेगा. यूसीसी तो उनके अधिकारों पर डाका डालने जैसा होगा.
उन्होंने कहा कि यहां कई ऐसी जनजातियां हैं, जिनको राष्ट्रपति से संरक्षण प्राप्त है. यूसीसी के माध्यम से उनके अधिकारों को छिनने का काम होगा. सरकार जल जंगल जमीन को बेचने का काम कर रही है. उन्होंने शंका जाहिर की कि कहीं अपने चहेते उद्योपतियों को लाभ देने के लिए तो कहीं यूसीसी लागू नहीं किया जा रहा है.
बैज ने कहा कि आदिवासियों की जमीन आदिवासी ही खरीद सकता है. सरकार आदिवासियों के अधिकार को समाप्त करना चाहती है. सरकार कभी आदिवासी की चिंता नहीं करती. प्रदेश के चारों तरफ हाहाकार मचा है. सरकार छत्तीसगढ़ को उजड़ना चाहती है, ऐसा कांग्रेस होने नहीं देगी. संविधान कानून में सबको अपना अधिकार है. किसी के अधिकार को छिनने का हक, किसी दूसरे को नहीं है.
कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण की पक्षधर : Vedanta plant accident
वहीं महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर चर्चा चल रही है. कांग्रेस हमेशा से इसकी समर्थक रही है. कांग्रेस इसकी पक्षधर है. कांग्रेस की सरकार ही इस बिल को लाई थी. जनगणना की प्रक्रिया चल रही है, परिसीमन भी होना है. सरकार किस आधार पर परिसीमन करें, ये स्पष्ट करें फिर महिला आरक्षण लागू करें.



