सीजी भास्कर, 18 अप्रैल : 37 लाख रुपये दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी (Cyber Fraud Case) करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। छुईखदान थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड मोहम्मद जाहिर को हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराध (Cyber Fraud Case) के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
अब नेटवर्क की परतें खुलेंगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी इंटरनेट मीडिया के जरिए पुराने सिक्कों और नोटों के बदले लाखों रुपये दिलाने का लालच देकर लोगों को फंसाता था। आरोपी पांच रुपये के पुराने नोट के बदले 37 लाख रुपये दिलाने का दावा करता था, जिससे लोग उसके जाल में आ जाते थे। यह पूरा मामला एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क (Cyber Fraud Case) की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।
ऑनलाइन लेनदेन खंगाल रही पुलिस
पुलिस जांच में सामने आया है कि पद्मवतीपुर निवासी नेताराम देवांगन से प्रोसेसिंग फीस, कस्टम चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर करीब 11 लाख 70 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। इस तरह आरोपी ने सुनियोजित तरीके से ऑनलाइन ठगी (Cyber Fraud Case) को अंजाम दिया।
आरोपी फर्जी सिम कार्ड और अन्य लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। इतना ही नहीं, वह पीड़ितों पर डर और दबाव बनाकर भी पैसे वसूलता था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से नौ मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और चार हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जो इस साइबर अपराध (Cyber Fraud Case) की गंभीरता को दर्शाता है।
गिरोह में अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है। मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाला जा रहा है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।
साथ ही जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उनके खाताधारकों और लेनदेन के स्रोत की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले (Cyber Fraud Case) में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने किन-किन राज्यों में ठगी की वारदात को अंजाम दिया और कितने लोग इसके शिकार बने।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर सक्रिय था और इसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस और साइबर एजेंसियों से समन्वय भी किया जाएगा।
आम नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसे लालच भरे ऑनलाइन ऑफर्स से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस तरह के साइबर ठगी मामलों (Cyber Fraud Case) से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।


