सीजी भास्कर, 22 अप्रैल। भिलाई जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा की मंडल कार्यकारिणी की घोषणा के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस पूरे मामले में दुर्ग सांसद विजय बघेल ने सीधे तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कार्यकारिणी चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे पार्टी के अनुशासन के खिलाफ बताया है। (BJYM executive dispute in Bhilai)
तालमेल की कमी और ‘तीसरे पक्ष’ का हस्तक्षेप : BJYM executive dispute in Bhilai
सांसद विजय बघेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि संगठन में तालमेल की भारी कमी दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पर्दे के पीछे से पार्टी को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह जो दिक्कत आ रही है, वह आपसी तालमेल न होने की वजह से है। कोई बीच का व्यक्ति है जो यह सब करा रहा है। मैं उन लोगों को चेतावनी देता हूँ कि पार्टी को इस तरह बर्बाद न करें। अपनी मर्यादा में रहकर काम करें।
BJYM executive dispute in Bhilai : रात के अंधेरे में सूची जारी करने पर सवाल
सांसद ने देर रात भाजयुमो भिलाई जिला की सूची जारी किए जाने की प्रक्रिया को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राजनीति घर में बैठकर नहीं होती। संगठन के अपने नियम हैं और निर्णयों में मंडल अध्यक्षों की राय सर्वोपरि होनी चाहिए।

उन्होंने कहा मंडल अध्यक्षों को ही टीम चलानी होती है, उनकी राय के बिना सूची जारी करना गलत है। मंडल अध्यक्षों द्वारा सुझाए गए नामों को दरकिनार करना उनके मान-सम्मान को ठेस पहुँचाने जैसा है। पार्टी के नियमों को ताक पर रखकर घर से सूचियां डिक्लेअर करना संगठन की कार्यप्रणाली नहीं है।
किसके इशारे पर हो रहा यह सब…? : BJYM executive dispute in Bhilai
सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम को किसी बाहरी या ‘बीच के व्यक्ति’ का खेल बताया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किसके इशारे पर कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है?
विजय बघेल ने दो-टूक शब्दों में कहा कि –
यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो संगठन को बड़ा नुकसान हो सकता है। फिलहाल, सांसद के इस कड़े रुख के बाद भिलाई भाजपा की अंदरूनी राजनीति में हलचल तेज हो गई है।


