सीजी भास्कर, 05 जून : छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव जिला अब सौर ऊर्जा क्रांति (PM Surya Ghar Yojana) का नया केंद्र बनकर उभरा है। केंद्र सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर राजनांदगांव देश के टॉप-5 जिलों में शामिल हो गया है। इससे हजारों परिवारों को बिजली बिल से राहत मिलने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
3 हजार से अधिक घरों में पहुंची सौर ऊर्जा
कलेक्टर जितेंद्र यादव ने बताया कि जिले में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। अब तक 3,118 घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 3 हजार से अधिक परिवारों को सीधे लाभ मिल रहा है। कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भारी कमी आई है और अनेक परिवार शून्य बिजली बिल की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
योजना को लेकर बढ़ रहा लोगों का उत्साह
योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 6,532 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 6,135 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग सौर ऊर्जा अपनाने के लिए उत्साह दिखा रहे हैं।
प्रतिदिन लग रहे नए सोलर सिस्टम
जिला प्रशासन द्वारा योजना की नियमित निगरानी की जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 40 नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जबकि रोजाना करीब 23 घरों में सोलर पैनल इंस्टॉल किए जा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि आने वाले महीनों में यह रफ्तार और बढ़ेगी।
2,174 हितग्राहियों को मिली सब्सिडी
योजना के तहत अब तक 2,174 लाभार्थियों के बैंक खातों में सब्सिडी राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे सोलर सिस्टम लगाने की लागत कम हुई है और अधिक लोग योजना से जुड़ रहे हैं। सब्सिडी मिलने से आम परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो गया है।
वर्ष 2026 तक 10 हजार घरों का लक्ष्य
राजनांदगांव जिला प्रशासन ने वर्ष 2026 के अंत तक 10,000 घरों में सोलर पैनल स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान प्रगति को देखते हुए यह लक्ष्य निर्धारित समय से पहले भी पूरा किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन का मानना है कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से न केवल बिजली खर्च में कमी आएगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। राजनांदगांव की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
प्रमुख तथ्य
- 3,118 घरों में स्थापित हुए सोलर पैनल
- 6,532 आवेदन प्राप्त
- 6,135 वेंडर चयन प्रक्रिया पूर्ण
- 2,174 हितग्राहियों को सब्सिडी जारी
- प्रतिदिन 23 नए घरों में सोलर इंस्टॉलेशन
- वर्ष 2026 तक 10,000 घरों का लक्ष्य
- देश के टॉप-5 प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल राजनांदगांव




