सीजी भास्कर, 2 जुलाई। फरार अपराधियों (Absconding Accused) के खिलाफ बिलासपुर रेंज पुलिस अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की समीक्षा बैठक लेकर निर्देश दिए कि लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे आरोपियों के बैंक खाते सीज कराने, वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाने और उनके सहयोगियों तक कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि कानून से बचने की हर कोशिश नाकाम हो सके।
बैठक में आईजी ने एनडीपीएस मामलों (NDPS Cases) में लंबित जांच, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, न्यायालयों से जारी समन-वारंट की तामीली तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (Chief Minister Helpline) की शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में आरोपी अब तक गिरफ्तारी से बाहर हैं, उनके खिलाफ अलग से कार्ययोजना तैयार कर लगातार कार्रवाई की जाए। जिन मामलों में चालान पेश हो चुका है, उनमें न्यायालय से वारंट जारी कराकर तत्काल प्रभावी तामीली सुनिश्चित की जाए।
बैंक खाते, पैन और आधार की होगी जांच
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि फरार आरोपियों (Absconding Accused) की आर्थिक गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके लिए पुलिस पैन कार्ड, बैंक खाते और आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगी। आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बैंक खाते सीज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही मोबाइल नंबर, वाहनों और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर आरोपियों की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
सह-आरोपियों से पूछताछ कर जुटाए जाएंगे सुराग
बैठक में निर्देश दिए गए कि पहले से गिरफ्तार सह-आरोपियों से गहन पूछताछ कर फरार अपराधियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जाए। साथ ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (Anti Narcotics Task Force) के साथ समन्वय बढ़ाकर अंतरराज्यीय स्तर पर भी कार्रवाई तेज की जाए। पुलिस टीमों को नेटग्रिड (NetGrid) के इनपुट का उपयोग करते हुए लगातार तकनीकी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
समन-वारंट की तामीली में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
आईजी ने न्यायालयों से जारी समन और वारंट की लंबित तामीली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि थाना प्रभारी और संबंधित राजपत्रित अधिकारी स्वयं इसकी निगरानी करें। गंभीर मामलों में गवाहों, चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध बार-बार वारंट जारी होना चिंता का विषय है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही की व्यवस्था बढ़ाने पर भी जोर दिया और चेतावनी दी कि यदि समन-वारंट की तामीली में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (Chief Minister Helpline) में दर्ज शिकायतों के समयबद्ध निराकरण को लेकर भी आईजी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान किया जाए। यदि शिकायतें समयसीमा पार कर वरिष्ठ स्तर तक पहुंचती हैं तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। सभी पुलिस अधीक्षकों को शिकायतों की नियमित समीक्षा कर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
रेंज के सभी जिलों के अधिकारी रहे मौजूद
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के अंत में आईजी रामगोपाल गर्ग ने कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा, सराफा बाजारों की जांच, पिकेट प्वाइंट की निगरानी तथा एनडीपीएस मामलों की अगले महीने फिर समीक्षा करने के निर्देश दिए।



