सीजी भास्कर, 4 जनवरी। अबूझमाड़ के सीमावर्ती गांवों में वर्षों से लंबित मांगों के चलते ग्रामीणों ने अपनी मेहनत और श्रमदान से समस्याओं का समाधान करना शुरू कर दिया है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के अबूझमाड़ इलाके के ग्रामीणों ने थुलथुली, बोंडोसी, कोहकाबेड़ा, बुडदुम, तोड़मा, मंगनार जैसे गांवों के नदी-नालों में बांस (Abujhmad Bamboo Bridge) से अस्थाई पुल तैयार किए हैं। यह कदम ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास और समुदायिक सहयोग का परिणाम है।
विशेष रूप से बुडदुम गांव के ग्रामीणों ने तुलार मंदिर के पास गुड़रा नदी में श्रद्धालुओं के लिए एक अस्थाई बांस पुल (Abujhmad Bamboo Bridge) का निर्माण किया है। इस पुल की लंबाई लगभग 50 मीटर है और इसके बनने से बारसूर, गीदम और दंतेवाड़ा मुख्यालय से गांव का सीधा संपर्क स्थापित हो गया है। इस पुल के निर्माण से न केवल दूरी घटती है, बल्कि ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियों में भी सहूलियत बढ़ी है ।
Abujhmad Bamboo Bridge ग्रामीणों की पहल
ग्रामीणों ने स्थानीय संसाधनों और श्रमदान का उपयोग करते हुए अस्थाई बांस पुल का निर्माण किया। इससे पहले, लंबी दूरी के कारण कई ग्रामीण बारसूर और गीदम तक नहीं जा पाते थे। इस पहल से अब उनकी मुख्यालयों तक पहुंच आसान हो गई है। यह कदम स्थानीय विकास और समुदायिक सहयोग का प्रतीक है ।
सरहद गांवों की समस्याएं
सरपंच शंकर मंडावी ने बताया कि जिला मुख्यालय बीजापुर तक की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है। लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं जैसे आश्रम भवन, बिजली और पानी की मांग पूरी नहीं हुई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई थी और अब अस्थाई पुल से उनकी परेशानियों में कुछ राहत मिली है।
श्रद्धालुओं और दैनिक जीवन में सहूलियत
तुलार मंदिर के पास बने पुल से श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा मिली है। अब वो सुरक्षित और तेजी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, ग्रामीण अपने कृषि कार्य, बाजार और विद्यालय जाने के लिए इस पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पहल से (Abujhmad Bamboo Bridge) का सामाजिक महत्व और बढ़ गया है।
सामूहिक प्रयास और श्रमदान
ग्रामीणों का यह प्रयास उनके सामूहिक परिश्रम और एकता का उदाहरण है। उन्होंने स्थानीय संसाधनों का प्रयोग कर और श्रमदान करके पुल तैयार किया। इस पहल से यह साबित होता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास के लिए सामूहिक प्रयास महत्वपूर्ण हैं (Abujhmad Bamboo Bridge)। ग्रामीण अब इस पहल को और आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। भविष्य में और अधिक पुल, सड़क और बुनियादी सुविधाएँ बनाने के लिए स्थानीय समुदाय सक्रिय हो गया है। यह प्रयास अबूझमाड़ क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


