सीजी भास्कर, 21 दिसंबर | Additional Advocate General Resignation : राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद विधि महकमे और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस्तीफा विधि सचिव को भेजा गया है, जिसके बाद से इसे प्रशासनिक असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।
त्यागपत्र में जताया सम्मान और कृतज्ञता
विधि सचिव को भेजे गए पत्र में रणवीर सिंह मरहास ने अपने कार्यकाल को सम्मानजनक और गौरवपूर्ण बताया है। उन्होंने लिखा है कि पिछले दो वर्षों तक अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में सेवा देना उनके लिए सौभाग्य की बात रही, जहां उन्हें राज्य से जुड़े अहम कानूनी मामलों में भूमिका निभाने का अवसर मिला।
सरकार के समर्थन के लिए आभार
मरहास ने अपने पत्र में सरकार द्वारा मिले सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि शासन के समर्थन ने उन्हें न्यायालयों में राज्य का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने की शक्ति दी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और क्षमता के साथ निभाया।
असंतोष की अटकलें, कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि त्यागपत्र में किसी असहमति का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन पद छोड़ने के समय को लेकर असंतोष की अटकलें सामने आ रही हैं। फिलहाल शासन स्तर पर इन कयासों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस्तीफे को व्यक्तिगत निर्णय बताया जा रहा है।
न्यायिक क्षेत्र में लंबा अनुभव
रणवीर सिंह मरहास का न्यायिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना से पहले जबलपुर उच्च न्यायालय में सक्रिय रहे और लंबे समय तक शासकीय अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दीं। इसके साथ-साथ वे सामाजिक गतिविधियों और विभिन्न संगठनों से भी जुड़े रहे हैं।
आगे की नियुक्ति पर टिकी निगाहें
अतिरिक्त महाधिवक्ता के इस्तीफे के बाद अब यह देखना अहम होगा कि शासन इस पद पर किसे नई जिम्मेदारी सौंपता है। विधि महकमे में यह बदलाव आने वाले समय में कानूनी रणनीतियों को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर भी नजर रखी जा रही है।





