सीजी भास्कर, 13 अप्रैल। WhatsApp सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म में से एक है और जबकि Meta का दावा है कि प्लेटफॉर्म पर पूरी बातचीत E2E एन्क्रिप्टेड है और भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई और उन मैसेज को नहीं पढ़ सकता है. दूसरी ओर, Telegram के फाउंडर और CEO पावेल डुरोव ने X पर एक पोस्ट में WhatsApp के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन दावों की आलोचना की है और इसे ‘बहुत बड़ा कस्टमर फ्रॉड’ कहा है. (WhatsApp’s claim is wrong)
एक पोस्ट में, डुरोव ने कहा कि –
WhatsApp का डिफॉल्ट रूप से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का दावा पूरी तरह से यह नहीं दिखाता है कि असल में मैसेज कैसे हैंडल किए जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट मैसेज का एक बड़ा हिस्सा क्लाउड बैकअप में चला जाता है जो Apple और Google सर्वर पर बिना एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के स्टोर होते हैं.
टेलीग्राम सीईओ के अनुसार, बैकअप एन्क्रिप्शन ऑप्शनल है और यूजर्स इसे ज्यादातर ऐनेबल नहीं करते हैं. WhatsApp’s claim is wrong
उन्होंने कहा कि जब कोई यूजर अपने बैकअप को मजबूत पासवर्ड से सिक्योर करता है, तब भी बातचीत सामने आ सकती है अगर चैट में दूसरे व्यक्ति ने वही प्रोटेक्शन ऐनेबल नहीं किया हो.
डुरोव ने दावा किया कि –
WhatsApp मेटा डेटा इकट्ठा करता है जिसमें यह जानकारी भी शामिल है कि यूजर्स किससे बात करते हैं, जिससे उन्होंने कहा कि चिंता की एक और बात जुड़ गई है.
क्लाउड स्टोरेज और डेटा डिस्क्लोजर : WhatsApp’s claim is wrong
टेलीग्राम के CEO ने यह भी कहा कि क्लाउड प्रोवाइडर हर साल कई बार थर्ड पार्टी को बैकअप किए गए WhatsApp मैसेज बताते हैं, हालांकि उन्होंने पोस्ट में खास डेटा सोर्स नहीं बताए है. WhatsApp’s claim is wrong
उन्होंने इसकी तुलना टेलीग्राम के तरीके से करते हुए दावा किया कि उनके प्लेटफॉर्म ने एक दशक से भी पहले लॉन्च होने के बाद से यूजर मैसेज कंटेंट को डिस्क्लोज नहीं किया है. ये बातें मैसेजिंग स्पेस में प्राइवेसी पर फोकस करने वाले विकल्प के तौर पर टेलीग्राम की बड़ी पोजिशनिंग का हिस्सा है.


