सीजी भास्कर, 25 जनवरी। नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड 2026 के दौरान पहली बार AI-enabled स्मार्ट ग्लासेस तैनात (AI Smart Glasses Police) किए जाएंगे। दिल्ली पुलिस इन हाईटेक चश्मों के जरिए भीड़ में मौजूद संदिग्धों की पहचान कुछ ही सेकेंड में कर सकेगी। फेस रिकग्निशन और थर्मल इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस ये चश्मे सुरक्षा व्यवस्था को एक नया आयाम देंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, AI स्मार्ट ग्लासेस सामने से गुजरने वाले हर व्यक्ति के चेहरे को स्कैन कर उसे पहले से मौजूद आपराधिक डेटाबेस से मिलान करेंगे। अगर किसी व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होगा तो सिस्टम सामान्य संकेत देगा, जबकि संदिग्ध या वांटेड व्यक्ति मिलने पर तुरंत अलर्ट जारी हो जाएगा। इससे मौके पर मौजूद जवान बिना देरी के कार्रवाई कर सकेंगे।
इस तकनीक की खास बात यह है कि मेकअप, मास्क, टोपी या दाढ़ी जैसे भेष बदलने के तरीके भी पहचान (AI Smart Glasses Police) से नहीं बचा पाएंगे। AI एल्गोरिदम चेहरे की बारीक संरचना और पैटर्न का विश्लेषण करता है, जिससे वर्षों पुरानी तस्वीरों के आधार पर भी पहचान संभव हो सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए इन स्मार्ट ग्लासेस में थर्मल स्कैनिंग की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए कपड़ों के भीतर छिपे हथियारों या संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाया जा सकेगा। यह पूरी प्रणाली बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करेगी, जिससे डेटा सुरक्षा और साइबर खतरे कम होंगे।
गणतंत्र दिवस परेड के लिए राजधानी में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड तैयार (AI Smart Glasses Police) किया गया है। हजारों CCTV कैमरों, करीब 10 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और अलग-अलग एजेंसियों के साथ मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा को अभेद्य बनाने की कोशिश की गई है। AI तकनीक के जुड़ने से इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और तेज होगी।




