आमानाका थाना परिसर की पुरानी इमारत अब पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। दीवारें टूट चुकी हैं, छतें गिरने की कगार पर हैं और चारों ओर घास-फूस उग आया है। Amanaka Police Campus Theft का मामला तब सामने आया, जब परिसर में खड़ी जब्त गाड़ियों के हिस्से एक-एक कर गायब मिलने लगे।
पहिए, बैटरी और सीट तक गायब
परिसर में लंबे समय से खड़ी बाइक, मोपेड, कार और ट्रक अब सिर्फ ढांचे बनकर रह गई हैं। कई वाहनों के चक्के, बैटरी, सीट और धातु के अन्य पार्ट्स चोरी हो चुके हैं। Seized Vehicles Parts Missing की स्थिति यह है कि कुछ गाड़ियों को पहचान पाना भी मुश्किल हो गया है।
कोर्ट में केस, मैदान में कबाड़
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये वाहन अभी भी न्यायालय में लंबित मामलों से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन्हें हटाया नहीं जा सका। Old Police Building Issue के कारण वर्षों से यह कबाड़ खुले परिसर में पड़ा रहा, जिसका फायदा असामाजिक तत्वों ने उठाया।
पांच साल पहले हो चुका है शिफ्ट
आमानाका थाना पांच साल पहले ही टाटीबंध चौक के पास नए भवन में शिफ्ट किया जा चुका है। इसके बाद पुरानी इमारत का नियमित उपयोग बंद हो गया। New Amanaka Police Station बनने के बाद यह परिसर धीरे-धीरे उपेक्षा का शिकार होता चला गया।
अब होगा स्थायी समाधान
पुलिस विभाग ने तय किया है कि पुरानी और खतरनाक इमारत को पूरी तरह गिराया जाएगा। उसी स्थान पर पुलिस स्टाफ के लिए आवासीय क्वार्टर बनाए जाएंगे। Staff Quarter Construction Plan की सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
निगरानी की कमी पर सवाल
इस पूरे मामले ने जब्त सामान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Security Lapse Concern को लेकर अंदरखाने समीक्षा की बात कही जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।




