सीजी भास्कर, 17 जननरी। Ambedkar Art Workshop 2026 के तहत डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन, दर्शन और वैचारिक विरासत को चित्रकला के माध्यम से प्रस्तुत करने की एक अनूठी पहल (Ambedkar Art Workshop 2026) की जा रही है। यह एकदिवसीय कला कार्यशाला 19 जनवरी 2026 को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के चित्रकला विभाग परिसर में आयोजित होगी, जहाँ कला और विचार एक साथ संवाद करेंगे।
संयुक्त पहल से साकार हुआ रचनात्मक मंच
इस Ambedkar Art Workshop 2026 का आयोजन अम्बेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के पेंटिंग विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य केवल कला प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवा कलाकारों को सामाजिक और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ना भी है, ताकि रचनात्मकता विचारशील दिशा में आगे बढ़े।
135वीं जयंती को समर्पित बौद्धिक श्रद्धांजलि
यह कार्यशाला भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. आंबेडकर की 135वीं जयंती (14 अप्रैल) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की कड़ी में एक विशेष रचनात्मक (Ambedkar Art Workshop 2026) श्रद्धांजलि है। (Constitutional Values Art) के विचार को केंद्र में रखते हुए, यह आयोजन उनके विचारों को दृश्य माध्यम में रूपांतरित करने का प्रयास करेगा।
उद्घाटन समारोह में शिक्षाजगत की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा मुख्य संरक्षक के रूप में मौजूद रहेंगी। अम्बेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुसन कुमार विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। साथ ही, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी की उपस्थिति आयोजन को अकादमिक गरिमा प्रदान करेगी।
युवा कलाकारों के लिए विचार और अभिव्यक्ति का अवसर
Ambedkar Art Workshop 2026 विद्यार्थियों और उभरते कलाकारों के लिए ऐसा (Ambedkar Art Workshop 2026) मंच बनेगा, जहाँ वे समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, शिक्षा, सामाजिक न्याय और संवैधानिक नैतिकता जैसे विषयों को अपनी कला के जरिए अभिव्यक्त कर सकेंगे। यह कार्यशाला रचनात्मक स्वतंत्रता के साथ वैचारिक गहराई को भी प्रोत्साहित करेगी।
आधुनिक भारत के मूल्यों से जुड़ने की पहल
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य युवा पीढ़ी को उन आदर्शों से जोड़ना है, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी। (Social Justice Through Art) के विचार को केंद्र में रखकर, कलाकारों को प्रेरित किया जाएगा कि वे कानून के समक्ष समानता और सामाजिक न्याय जैसे सिद्धांतों को प्रभावशाली दृश्य कथाओं में ढालें।
अम्बेडकर चैंबर का स्पष्ट संदेश
इस आयोजन के माध्यम से अम्बेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यह संदेश देना चाहता है कि संस्था डॉ. आंबेडकर के विचारों के प्रसार के लिए शिक्षा, युवा सहभागिता और समकालीन रचनात्मक मंचों को निरंतर सशक्त कर रही है। यह पहल विचार और कर्म के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
कला को बताया सामाजिक चेतना की भाषा
राष्ट्रीय अध्यक्ष रुसन कुमार ने कहा कि कला केवल सौंदर्य तक सीमित (Ambedkar Art Workshop 2026) नहीं होती, बल्कि यह समाज की चेतना को व्यक्त करने का माध्यम भी है। उनके अनुसार, यह कार्यशाला युवाओं को रंगों और रेखाओं के माध्यम से आंबेडकर के विचारों को समझने और समाज तक पहुँचाने का अवसर देगी।
सुदृढ़ नेतृत्व और अकादमिक मार्गदर्शन
कार्यशाला का आयोजन कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी के संरक्षण में किया जा रहा है। अकादमिक मार्गदर्शन और विभागीय समन्वय की जिम्मेदारी प्रो. मानस साहू (डीन, दृश्य कला संकाय) तथा डॉ. विकास चंद्र (चित्रकला विभाग) निभा रहे हैं। यह संरचना विश्वविद्यालय की कला-आधारित शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।




