सीजी भास्कर 16 नवंबर गैंगस्टर नेटवर्क पर कार्रवाई में कमी का आरोप (Amritsar Rural SSP Suspension)
पंजाब सरकार ने अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि वे क्षेत्र में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ समय पर ठोस कदम नहीं उठा पाए, जिसके चलते लगातार बढ़ रहे अपराधों पर रोक नहीं लग सकी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कई घटनाएँ ऐसी थीं जिनमें पुलिस की तत्परता और मॉनिटरिंग दोनों पर सवाल उठे।
राज्य सरकार का सख्त रुख, “कोई रियायत नहीं” संदेश
राज्य नेतृत्व ने साफ कहा है कि अपराधियों और उगाही करने वाले गिरोहों के खिलाफ किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था पर चोट करने वाले तत्वों पर “ज़ीरो-टॉलरेंस” नीति लागू की गई है। सरकार इस कार्रवाई को एक सिस्टम-क्लीन-अप स्टेप (Clean-Up Operation) के रूप में भी देख रही है, ताकि स्थानीय प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
जंडियाला गुरु की गोलीबारी ने बढ़ाई चिंता
कुछ दिन पहले जंडियाला गुरु इलाके में एक किराना कारोबारी को डराने के उद्देश्य से की गई गोलीबारी के बाद मामले ने गंभीर मोड़ लिया। तीन बाइक सवारों पर दुकान मालिक से उगाही की कोशिश में फायरिंग करने का आरोप लगा था। जांच में सामने आया कि आरोपी एक कुख्यात गिरोह से जुड़े हैं और विदेशी लिंक (Organized Crime Link) पर काम कर रहे थे। इस घटना ने पुलिस की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा, लेकिन देरी पर उठे सवाल
वारदात के दो आरोपियों की गिरफ्तारी जरूर हुई, लेकिन यह गिरफ्तारी घटनाक्रम में देरी से की गई कार्रवाई बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से कई दिनों तक पर्याप्त सुराग इकट्ठा नहीं किए जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि गैंगस्टर एक्टिविटी के बढ़ते पैटर्न को देखते हुए इंटेलिजेंस और फील्ड यूनिट की रिस्पॉन्स स्पीड और मजबूत होनी चाहिए थी।
पिछले जिले में भी उठे थे सवाल, अब जांच का दायरा बढ़ा
निलंबित अधिकारी इससे पहले भी कई संवेदनशील पदों पर काम कर चुके हैं। हालांकि, हाल के महीनों में कुछ निर्णयों और निगरानी-व्यवस्था पर सवाल उठे थे। प्रशासन अब यह भी जाँच कर रहा है कि क्या किसी तरह का ऑपरेशनल गैप, फील्ड इंटेलिजेंस की कमी, या मैदान-स्तर पर समन्वय की कमजोरी इस स्थिति की वजह बनी।
चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था पर बढ़ी नजर
राज्य में हाल ही में हुए उपचुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार बहस चल रही थी। स्थानीय लोगों से मिली प्रतिक्रियाओं में भी अपराध और उगाही नेटवर्क को लेकर चिंता दिखाई दी। इसके बाद से प्रशासन ने अपने सभी जिलों में सुरक्षा-जांच और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया और कड़ी कर दी है।
सरकार का संकेत—अगले चरण में और भी सख्त कदम संभव
सरकार की ओर से यह भी संदेश दिया गया है कि अगर किसी जिले में अपराध विरोधी कार्रवाई में सुस्ती पाई गई, तो उसी पैटर्न पर अधिकारी-स्तर की और बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। आने वाले दिनों में पुलिस सिस्टम में कई री-शफलिंग और इंटर्नल ऑडिट भी देखे जा सकते हैं।





