सीजी भास्कर, 09 जनवरी। जिले को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की है।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत की गई इस संयुक्त कार्रवाई में सार्वजनिक स्थानों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू बिक्री एवं उपयोग पर रोक को गंभीरता (Anti Tobacco Enforcement) से लागू किया गया। अभियान के दौरान कुल 33 लोगों पर चालान की कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला गया।
यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन तथा जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से अंजाम दी गई। प्रशासन का साफ संदेश है कि तंबाकू नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी
संयुक्त प्रवर्तन दल ने जिला चिकित्सालय खरोरा के आसपास स्थित तंबाकू विक्रय दुकानों के साथ-साथ पिटियाझर और कुम्हारपारा क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक दुकानों का निरीक्षण (Anti Tobacco Enforcement) किया। जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि स्कूल-कॉलेज के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री न हो और नाबालिगों को किसी भी स्थिति में तंबाकू सामग्री उपलब्ध न कराई जाए।
किन नियमों पर हुई कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कोटपा एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई की।
धारा 04: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध
धारा 06(अ): नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचने एवं उपयोग पर रोक
धारा 06(ब): शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध
प्रशासन की टीम
कार्रवाई के दौरान औषधि निरीक्षक प्रियंका दीवान ने विधिक प्रक्रिया का नेतृत्व किया, वहीं पुलिस विभाग से आरक्षक हेमलाल निषाद का विशेष सहयोग रहा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य नुकसान को देखते हुए यह अभियान आगे भी निरंतर (Anti Tobacco Enforcement) जारी रहेगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की सघन जांच और प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी, ताकि आमजन विशेषकर बच्चों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके।


