सीजी भास्कर 27 जनवरी। Apple ने भारत में AirTag का सेकंड जेनरेशन मॉडल लॉन्च कर दिया है। करीब पांच साल बाद आए इस नए AirTag में हार्डवेयर लेवल पर कई अहम सुधार किए गए हैं, जबकि डिजाइन और साइज को पहले जैसा ही रखा गया है। इसका मकसद यह है कि पुराने यूजर्स बिना किसी झंझट के नए मॉडल पर शिफ्ट कर सकें।
भारत में कीमत और बिक्री
सेकंड जेनरेशन Apple AirTag की भारत में कीमत 3,790 रुपये तय की गई है। वहीं चार AirTag का पैक 12,900 रुपये में उपलब्ध (Apple AirTag 2nd Generation) होगा। ग्राहक इसे Apple की आधिकारिक वेबसाइट और Apple Store ऐप के जरिए खरीद सकते हैं। कंपनी इस बार भी फ्री एन्ग्रेविंग की सुविधा दे रही है, जिसमें यूजर्स अपना नाम या इमोजी AirTag पर खुदवा सकते हैं।
नया Ultra Wideband चिप, बढ़ी तलाश की रेंज
नए AirTag में सेकंड जेनरेशन Ultra Wideband (UWB) चिप दी गई है। Apple के अनुसार, इससे Precision Finding फीचर की रेंज पहले के मुकाबले लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अब यूजर्स अपने खोए हुए सामान को ज्यादा दूर से और ज्यादा सटीक दिशा-निर्देश के साथ ढूंढ सकेंगे। Bluetooth कनेक्टिविटी को भी बेहतर किया गया है, जिससे Find My नेटवर्क और ज्यादा मजबूत हो गया है।
अब और तेज सुनाई देगी आवाज
Apple ने नए AirTag के अंदरूनी डिजाइन में भी बदलाव किया है। इसमें लगाया गया नया स्पीकर पुराने मॉडल की तुलना में करीब 50 प्रतिशत ज्यादा तेज आवाज (Apple AirTag 2nd Generation) करता है। कंपनी का दावा है कि अब AirTag की बीप पहले से कहीं ज्यादा दूरी तक सुनी जा सकती है, जिससे भीड़भाड़ वाली जगहों या बड़े कमरों में सामान ढूंढना आसान होगा।
बैटरी और सेफ्टी फीचर्स
नया AirTag पहले की तरह CR2032 कॉइन सेल बैटरी पर काम करता है और कंपनी के मुताबिक एक साल से ज्यादा का बैटरी बैकअप देता है। इसमें IP67 रेटिंग दी गई है, जिससे यह पानी और धूल से सुरक्षित रहता है। यह AirTag iOS 26 या उससे नए iPhone और iPadOS 26 वाले iPad के साथ कम्पैटिबल है।
प्राइवेसी को लेकर Apple ने साफ किया है कि AirTag का लोकेशन डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड (Apple AirTag 2nd Generation) रहता है। न तो Apple और न ही कोई तीसरा व्यक्ति यह देख सकता है कि AirTag कहां है। इसके अलावा AirTag किसी भी तरह की लोकेशन हिस्ट्री अपने अंदर सेव नहीं करता।
कुल मिलाकर, नया AirTag उन यूजर्स के लिए खास साबित हो सकता है, जो पहले से Apple इकोसिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपने जरूरी सामान पर नजर रखने के लिए ज्यादा सटीक और भरोसेमंद ट्रैकिंग चाहते हैं।




