सीजी भास्कर, 19 जनवरी। छत्तीसगढ़ में शिक्षा और समान अवसर की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट उभरकर सामने आया है, जो आज प्रदेश के युवाओं के लिए आशा, आत्मविश्वास और सफलता का मजबूत आधार बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान डीएमएफ फंड से स्थापित इस संस्थान का भ्रमण कर यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी शैक्षणिक यात्रा, तैयारी के स्तर तथा भविष्य की आकांक्षाओं को नजदीक से जाना।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उनकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि (Arunoday Coaching Institute Chhattisgarh) जैसे संस्थान यह प्रमाणित करते हैं कि यदि सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि के युवा भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को बताया गया कि अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट एक पूर्णतः शासकीय एवं निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था है, जहां विद्यार्थियों को पीएससी, व्यापम, एसएससी, रेलवे, शिक्षक भर्ती सहित अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन, अद्यतन अध्ययन सामग्री और नियमित मूल्यांकन की सुविधा दी जाती है। (Arunoday Coaching Institute Chhattisgarh) आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए न केवल कोचिंग सेंटर, बल्कि एक भरोसेमंद शैक्षणिक मंच के रूप में विकसित हुआ है।
संस्थान से प्रशिक्षित कई विद्यार्थियों ने विभिन्न परीक्षाओं में सफलता अर्जित कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री साय ने इन उपलब्धियों को संस्थान की सुदृढ़ शैक्षणिक योजना, समर्पित शिक्षकों और प्रशासनिक सहयोग का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि (Arunoday Coaching Institute Chhattisgarh) जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है और इसकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने डीएमएफ फंड की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह फंड खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास और वहां के निवासियों के कल्याण के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में डीएमएफ फंड से किए जा रहे निवेश का सकारात्मक प्रभाव आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। (Arunoday Coaching Institute Chhattisgarh) इसी दूरदर्शी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ट्राइबल यूथ हॉस्टल, दिल्ली तथा रायपुर स्थित नालंदा परिसर की सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन व्यवस्थाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, अध्ययन सामग्री और उच्च स्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। नालंदा परिसर की सफलता को देखते हुए प्रदेश के 34 स्थानों पर हाईटेक लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अध्ययन संसाधन मिल सकें।
मुख्यमंत्री साय ने पीएससी परीक्षा प्रणाली को लेकर स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इसे यूपीएससी की तर्ज पर पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था आज कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास दे रही है।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों द्वारा रखी गई आवश्यकताओं पर भी मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाई। अद्यतन पुस्तकों की मांग पर उन्होंने अपने स्वेच्छानुदान से पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं अध्ययन और स्वास्थ्य संतुलन को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने अनुशासित दिनचर्या, योग और सकारात्मक सोच को सफलता का आधार बताया।
अंत में मुख्यमंत्री ने अपने जीवन सफर को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य पर केंद्रित रहने, अनावश्यक बातों से दूर रहने और निरंतर परिश्रम करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि (Arunoday Coaching Institute Chhattisgarh) जैसे मंचों के माध्यम से तैयार हो रहे ये विद्यार्थी ही प्रदेश और देश का उज्ज्वल भविष्य हैं।




