सीजी भास्कर, 20 दिसंबर | Assam East Pakistan Allegation : असम की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए इतिहास से जुड़ा गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज़ादी से पहले असम को अविभाजित बंगाल के साथ जोड़कर ‘ईस्ट पाकिस्तान’ का हिस्सा बनाने की सोच पनपी थी, और उस दौर की राजनीति ने असम की अलग पहचान को कमजोर करने की कोशिश की।
गुवाहाटी में गोपीनाथ बारदोलोई अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक पूर्वोत्तर को यह सोचकर नज़रअंदाज़ किया गया कि वहां “जाता ही कौन है।” इसी मानसिकता के कारण एयरपोर्ट, रेलवे और हाईवे जैसे बुनियादी ढांचे से असम और पूरा क्षेत्र वंचित रहा।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि दशकों तक चली इस उपेक्षा ने न सिर्फ विकास को रोका, बल्कि असम की सांस्कृतिक और रणनीतिक अहमियत को भी कमजोर किया। उन्होंने कहा कि आज जो कमियां दिखती हैं, वे वर्षों की अनदेखी का नतीजा हैं, जिन्हें अब चरणबद्ध तरीके से सुधारा जा रहा है।
पीएम मोदी ने गोपीनाथ बारदोलोई का उल्लेख करते हुए कहा कि जब असम की पहचान पर संकट मंडरा रहा था, तब उन्होंने अपनी ही राजनीतिक धारा के खिलाफ खड़े होकर उस साजिश को नाकाम किया। उनके साहसिक रुख ने असम को अलग अस्तित्व दिलाया और देश की एकता को मजबूती दी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते वर्षों में पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। नए एयरपोर्ट, रेल लाइनों का विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं इस परिवर्तन का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूर्वोत्तर को भारत के विकास का अहम इंजन बनाना है।
पीएम मोदी के अनुसार, गुवाहाटी एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा। इससे असम और आसपास के राज्यों की आर्थिक गति तेज होगी और क्षेत्र मुख्यधारा से और मजबूती से जुड़ेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत असम अब भारत के ईस्टर्न गेटवे के रूप में उभर रहा है। यह राज्य भविष्य में आसियान देशों से भारत को जोड़ने वाला सेतु बनेगा। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में असम और पूरा पूर्वोत्तर निर्णायक भूमिका निभाएगा।





