सीजी भास्कर, 18 जून : छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत होते ही किसानों (Baloada Bazar Fake Fertilizer Raid) को ऊंचे दामों पर घटिया, अमानक और बिना लाइसेंस के अवैध खाद-बीज बेचने वाले जमाखोरों और जालसाजों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी चौतरफा सर्जिकल स्ट्राइक की है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के कड़े और सख्त निर्देशानुसार जिले के कृषि इनपुट केंद्रों में चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के तहत बुधवार को भारी मात्रा में अवैध खाद-बीज का जखीरा जब्त कर गोदामों को सील कर दिया गया है। इस औचक कार्रवाई से नकली और अवैध कृषि सामग्री का धंधा करने वाले बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।
लाइसेंस कीटनाशक का और बेच रहे थे टन भार खाद-बीज
मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विकासखण्ड बलौदाबाजार के बीज निरीक्षक जयइन्द्र कंवर एवं उर्वरक निरीक्षक लोकनाथ दीवान की संयुक्त टीम ने ग्राम सरखोर स्थित ‘गोवर्धन कृषि केंद्र’ में अचानक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान टीम तब हैरान रह गई जब प्रोप्राईटर चन्दाराम वर्मा बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के धड़ल्ले से सीधे किसानों को बीज और रासायनिक उर्वरकों की बिक्री कर रहा था। जांच में पता चला कि विक्रेता को विभाग द्वारा केवल ‘कीटनाशक’ बेचने का लाइसेंस जारी किया गया था। लेकिन, इसकी आड़ में वह ‘विकास ट्रेडर्स’ के नाम से एक अन्य अवैध गोदाम का संचालन कर रहा था। इस गुप्त गोदाम की सघन तलाशी लेने पर 7.75 मेट्रिक टन उर्वरक और 12.5 क्विंटल अवैध बीज का अवैध भंडारण पाया गया।ण्
कानूनी धाराओं में केस दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि बिना लाइसेंस व्यवसाय का यह कृत्य उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खंड 7, बीज नियंत्रण आदेश 1983 के खंड 3 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 का गंभीर उल्लंघन है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे स्टॉक को जब्त कर गोदाम को सील कर दिया है और संचालक को ‘ब्लैक लिस्ट’ करने के लिए कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। कार्रवाई की दूसरी बड़ी और डराने वाली तस्वीर विकासखण्ड पलारी के ग्राम देवसुन्द्रा से सामने आई। यहां ग्रामीणों और सजग किसानों से इनपुट मिला था कि कुछ संदिग्ध बाहरी व्यक्ति रायपुर से एक पिकअप वाहन में भरकर संदिग्ध खाद ला रहे हैं और उसे महंगे दामों पर खपा रहे हैं।
अफसरों को देख भागे तस्कर
सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) दीपक निकुंज के निर्देश पर तहसीलदार ईश्वर केंवट और निरीक्षक सुचिन वर्मा तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। सरकारी टीम को आता देख आरोपी वाहन छोड़कर खेतों के रास्ते फरार हो गए। जब पिकअप वाहन की बारीकी से जांच की गई, तो उसमें पुलकित बायो फर्टिलाइजर प्रा.लि., गुड़गांव (हरियाणा) कंपनी की 13 बोरी दानेदार स्वायल कंडिशनर और 12 बोतल ह्युमिक एसिड बरामद किया गया।
जालसाजी का तरीका
जांच अधिकारी ने बताया कि इस तथाकथित बायो-खाद की पैकिंग और उसके भीतर के दानों को हूबहू असली डीएपी (DAP) खाद जैसा लुक दिया गया था, ताकि भोले-भाले किसान झांसे में आ जाएं। इस नकली खाद को आरोपी 1400 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से सुन्द्रावन और देवसुन्द्रा के किसानों को बेच रहे थे। प्रशासन ने वाहन सहित पूरी सामग्री जब्त कर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कसडोल के जोगी और आचार्य कृषि केंद्र में स्टॉक में हेराफेरी
इसी अभियान के तहत जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल (फ्लाइंग स्क्वाड) ने कसडोल ब्लॉक में संचालित ‘जोगी कृषि केंद्र’ और ‘आचार्य कृषि सेवा केंद्र’ का भी औचक मुआयना किया। जांच में दोनों ही केंद्रों के सरकारी पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीन में प्रदर्शित हो रहे डिजिटल स्टॉक और दुकान में रखे भौतिक स्टॉक के आंकड़ों में भारी अंतर (भिन्नता) पाया गया। इसे ब्लैक मार्केटिंग और स्टॉक डंपिंग की श्रेणी में मानते हुए उड़नदस्ता दल ने दोनों विक्रेताओं को कड़ी फटकार लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी है।





