सीजी भास्कर, 13 मई। बालोद जिले के दल्लीराजहरा इलाके में मंगलवार शाम अचानक (Balod Accident) हुए हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख पुकार मच गई। सीवरेज लाइन की खुदाई के दौरान मजदूर नीचे काम कर रहे थे, तभी देखते ही देखते मिट्टी भरभराकर नीचे गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी, लेकिन गहरा गड्ढा और लगातार धंसती मिट्टी राहत कार्य में बड़ी मुश्किल बन गई।
घटना के बाद अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह भारी भीड़ जुट गई। मृतकों के परिजन गुस्से में नजर आए और देर रात तक अस्पताल के सामने प्रदर्शन चलता रहा। मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने शव लेने से भी इनकार कर दिया।
सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के दौरान हादसा : Balod Accident
दल्लीराजहरा में बीएसपी की सीवरेज लाइन परियोजना के तहत खुदाई का काम चल रहा था। मजदूर गहरे गड्ढे में उतरकर पाइप फिटिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और तीन मजदूर अंदर ही दब गए।
मृतकों में किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन शामिल हैं। बताया गया कि हादसा शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ और देर रात तक शवों को बाहर निकाला जा सका।
चेन टूटते ही भरभराकर गिरी मिट्टी
स्थानीय लोगों के अनुसार काम के दौरान इस्तेमाल की जा रही मशीन की चेन अचानक टूट गई। इसके बाद जोरदार झटका लगा और मिट्टी तेजी से नीचे गिरने लगी। चार मजदूर गड्ढे के अंदर थे, जिनमें से एक किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आया, लेकिन बाकी तीनों फंस गए।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल (Balod Accident)
घटना के बाद लोगों ने निर्माण कार्य में भारी लापरवाही के आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि मजदूरों को करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के उतारा गया था। वहां न तो सुरक्षा घेरा बनाया गया था और न ही मिट्टी धंसने से रोकने के इंतजाम किए गए थे।
अस्पताल के बाहर देर रात तक हंगामा
हादसे के बाद परिजन और समाज के लोग बीएसपी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की। विरोध के चलते पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी रोक दी गई और परिजन शव लेने के लिए तैयार नहीं हुए।
देर से पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी
स्थानीय नेताओं का आरोप है कि हादसे के कई घंटे बाद तक जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। तब तक स्थानीय लोग, नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की मदद से राहत कार्य जारी था।
जांच में जुटा प्रशासन
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके (Balod Accident) पर पहुंची। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं जनप्रतिनिधियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।



