सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। पीपरछेड़ी गांव के पास तांदुला नहर में नहाने और तैरना सीखने गए एक पिता और उनकी मासूम बेटी हादसे का शिकार हो गए। पानी के प्रचंड बहाव में दोनों बह गए, जिनमें से पिता का शव गोताखोरों ने बरामद कर लिया है, लेकिन 12 वर्षीय बेटी का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। इस (Balod Canal Tragedy) ने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है।
तैरना सिखाते वक्त अचानक बढ़ा बहाव : Minor stabbed to death in Raipur
जानकारी के मुताबिक, ग्राम धोबनपुरी निवासी यमन गंजीर (35 वर्ष) अपनी ससुराल पीपरछेड़ी आए हुए थे। सोमवार को वे अपनी 12 साल की बेटी पल्लवी और एक अन्य बच्ची दामिनी को लेकर तांदुला नहर पर पहुंचे थे। यमन अपनी बेटी को तैरना सिखा रहे थे, तभी अचानक नहर में पानी का दबाव और बहाव उम्मीद से ज्यादा तेज हो गया। इससे पहले कि कोई संभल पाता, बाप-बेटी लहरों की चपेट में आ गए। इस (Balod Canal Tragedy) के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दूसरी बच्ची दामिनी को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन यमन और पल्लवी आंखों से ओझल हो गए।
रेस्क्यू के लिए रोकी गई दो बांधों की सप्लाई
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन में पानी का तेज बहाव सबसे बड़ी बाधा बन रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत तांदुला और गंगरेल बांध से नहर में छोड़े जा रहे पानी को अस्थायी रूप से रुकवाया। जलस्तर कम होने के बाद गोताखोरों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। घंटों की मशक्कत के बाद यमन गंजीर का शव बरामद हुआ, जिससे (Balod Canal Tragedy) की भयावहता स्पष्ट हो गई।
ससुराल में मातम, बेटी की तलाश जारी
यमन गंजीर पीपरछेड़ी गांव के दामाद थे। गर्मी की छुट्टियों में वे परिवार के साथ ससुराल आए थे, लेकिन किसे पता था कि यह सफर आखिरी साबित होगा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गोताखोरों की टीम और स्थानीय पुलिस अब भी लापता बच्ची पल्लवी की तलाश में जुटी हुई है। (Balod Canal Tragedy) के बाद से नहर किनारे ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है और हर कोई पल्लवी की सलामती की दुआ कर रहा है, हालांकि समय बीतने के साथ उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।
नहरों में बढ़ते हादसों ने खड़ा किया सवाल
गर्मी के मौसम में अक्सर लोग नहरों और बांधों का रुख करते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी और पानी के अनिश्चित बहाव के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं। इस (Balod Canal Tragedy) ने एक बार फिर प्रशासन को नहरों के पास सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगाने और गश्त बढ़ाने की याद दिलाई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रखा है।


