सीजी भास्कर, 10 जनवरी। बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को लेकर भारत स्काउट एंड गाइड संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ (Balod Jamboree Arrangements) की तैयारियों की खुलकर सराहना की है। भारत स्काउट एंड गाइड के मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर डॉ. केके खंडेलवाल ने कहा कि सीमित समय में इतने बड़े राष्ट्रीय आयोजन को सफलतापूर्वक खड़ा करना छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि है।
डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में इस स्तर के आयोजन की तैयारियों में एक से दो वर्ष का समय लग जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ ने महज एक महीने में सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देकर उदाहरण प्रस्तुत किया है।
व्यवस्थाओं का किया प्रत्यक्ष निरीक्षण
मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर ने जंबूरी स्थल पर पहुंचकर आवास, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा और एडवेंचर गतिविधियों सहित सभी व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष (Balod Jamboree Arrangements) निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों की सुविधा को केंद्र में रखकर की गई योजना साफ नजर आती है।
देश के अलग-अलग राज्यों से आए रोवर, रेंजर्स, ट्रेनर्स और वालंटियर्स के लिए बनाए गए शिविर, टॉयलेट व्यवस्था और अनुशासन व्यवस्था राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाई गई।
यह सिर्फ आयोजन नहीं, युवा नेतृत्व का मंच
डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि यह जंबूरी केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति को जोड़ने का मंच है। यहां भाग लेने वाले रोवर और रेंजर्स भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं, जिनमें सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाती है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य भारत स्काउट एंड गाइड की टीम को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि राज्य ने यह सिद्ध कर दिया है कि इच्छाशक्ति और टीमवर्क हो तो समय की सीमा बाधा नहीं बनती।
समर्पण और सेवा भावना की मिसाल
मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर ने कहा कि जंबूरी का उद्घाटन भी गरिमामय रहा और राज्यपाल द्वारा की गई प्रशंसा इस बात का प्रमाण है कि आयोजन केवल औपचारिक नहीं, बल्कि मूल स्काउट भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि समर्पण, अनुशासन और सेवा की जो भावना इस आयोजन में दिखाई (Balod Jamboree Arrangements) दे रही है, वही सच्चे स्काउट और गाइड की पहचान होती है।


