सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रिश्तों के कत्ल और बेवफाई (Balod Suicide Case) की एक ऐसी दास्तां सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक शख्स अपनी उजड़ती गृहस्थी को बचाने के लिए तीन दिनों तक गिड़गिड़ाता रहा लेकिन जब पत्नी ने लौटने से साफ मना कर दिया तो उसने मौत का रास्ता चुन लिया। उसने यह कदम कहीं और नहीं बल्कि उसी जगह उठाया जहां उसकी पत्नी अपने प्रेमी के साथ रह रही थी। गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर एक हंसता खेलता परिवार इस तरह मौत की चौखट तक कैसे पहुंच गया।
मृतक की पहचान 42 वर्षीय परमानंद यादव के रूप में हुई है जो अपनी पत्नी के घर छोड़कर जाने से गहरे सदमे में था। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक परमानंद पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था क्योंकि उसकी पत्नी उसे और घर को छोड़कर अपने प्रेमी के पास चली गई थी। उसने अंतिम समय तक सुलह की कोशिश की पर प्यार और भरोसे की दीवार टूटने के बाद उसने प्रेमी के दरवाजे को ही अपनी अंतिम मंजिल बना लिया। अर्जुन्दा थाना क्षेत्र के चौरेल गांव में हुई इस घटना के बाद से अफरातफरी का माहौल है।
प्रेमी के घर के सामने तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक ग्राम किलेपार रनचिरई निवासी परमानंद यादव की पत्नी अपने प्रेमी (Balod Suicide Case) के साथ घर छोड़कर चली गई थी। परमानंद पिछले तीन दिनों से उसे वापस लाने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह लौटने को तैयार नहीं हुई। पत्नी के इस अड़ियल रुख ने परमानंद को भीतर तक तोड़ दिया था। वह हार मानकर घर लौटने के बजाय सीधे उस गांव पहुंचा जहां उसकी पत्नी रह रही थी।
तीन दिनों की मिन्नतें रही बेकार
वह चौरेल अर्जुन्दा गांव पहुंचा जहां उसकी पत्नी अपने प्रेमी (Balod Suicide Case) के साथ रह रही थी। वहीं प्रेमी के घर के सामने उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब लोगों ने परमानंद का शव फंदे पर लटकता देखा तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस जांच में जुटी
अर्जुन्दा पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में वैवाहिक विवाद (Balod Suicide Case) की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारी इंद्रा वैष्णव ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गहन जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि इसके पीछे और क्या वजहें थीं। यहां गांव के लोगों का कहना है कि परमानंद एक सीधा साधा इंसान था और इस तरह के अंत की किसी ने कल्पना नहीं की थी।


