सीजी भास्कर, 13 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बलौदाबाजार-भाटापारा क्षेत्र में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार का मुद्दा सदन में चर्चा का विषय (Balodabazar Bhatapara Temple Development) बन गया। कांग्रेस विधायक Indra Saw ने क्षेत्र के मंदिरों और धर्मशालाओं के निर्माण को लेकर सरकार से जानकारी मांगी।
राजधानी Raipur स्थित Chhattisgarh Vidhan Sabha में प्रश्नकाल के दौरान विधायक ने पूछा कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और धर्मशाला निर्माण के लिए विभाग को कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और उनमें से कितनों को स्वीकृति मिली है।
74 प्रस्ताव आए, 16 को मिली मंजूरी
इस सवाल के जवाब में पर्यटन मंत्री Rajesh Agrawal ने बताया कि जिले में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए कुल 74 प्रस्ताव प्राप्त (Balodabazar Bhatapara Temple Development) हुए थे। इनमें से 16 प्रस्तावों के लिए लगभग 78.43 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
दामाखेड़ा कबीरपंथ स्थल का भी उठा मुद्दा
चर्चा के दौरान विधायक इंद्र साव ने कबीरपंथ के प्रमुख तीर्थ स्थल Damkheda Kabirpanth Dham में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या वहां बिजली, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाएगा।
इस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि विभाग को जितनी मांग प्राप्त होगी, उससे अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा ताकि धार्मिक स्थलों का विकास किया जा सके।
बयान के बाद सदन में हंगामा
बहस के दौरान इंद्र साव ने टिप्पणी की कि भाजपा मंदिरों के नाम पर चुनाव (Balodabazar Bhatapara Temple Development) जीतती है, लेकिन अपेक्षित विकास कार्य नहीं होते। इस बयान के बाद सत्तापक्ष के विधायकों ने कड़ा विरोध जताते हुए हंगामा किया सत्तापक्ष के सदस्यों ने कहा कि सरकार सनातन परंपरा और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर गंभीर है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।





