सीजी भास्कर, 09 जून : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मानव-हाथी संघर्ष की एक और दुखद घटना (Balrampur Elephant Attack) सामने आई है। जिले के कुंदी गांव में मंगलवार सुबह एक दंतैल हाथी के हमले में पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, जबकि वन विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, दंपती सुबह अपने घर से जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया। हाथी को देखकर दोनों ने जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने उनका पीछा कर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथी के हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना (Balrampur Elephant Attack) की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
दल से बिछड़कर गांव के करीब पहुंचा था दंतैल
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के जंगलों में पांच हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है। इनमें से एक दंतैल हाथी दल से अलग होकर कुंदी गांव के समीप पहुंच गया था। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ। घटना के बाद हाथी को आसपास के जंगल क्षेत्र में देखा गया है और उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
हादसे (Balrampur Elephant Attack) के बाद वन विभाग ने गांव और आसपास के इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से जंगल, खेत और सुनसान क्षेत्रों में अकेले नहीं जाने की अपील की गई है। विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है ताकि हाथी की गतिविधियों की जानकारी समय पर मिल सके।
परिजनों को दी गई तत्काल सहायता राशि
वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार आगे की मुआवजा प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
लगातार बढ़ रही हाथियों की आवाजाही और मानव बस्तियों के करीब उनकी मौजूदगी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने और स्थायी समाधान की मांग की है।




