सीजी भास्कर, 21 अगस्त : बानबरद क्षेत्र में कथित अवैध शराब की बिक्री और खुलेआम शराबखोरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र को नशामुक्त बनाने और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 19 अगस्त को कलेक्टर जनदर्शन में जिलाधीश के नाम आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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अवैध शराब से बिगड़ रहा सामाजिक माहौल
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर सुबह से ही लोग शराब का सेवन करते नजर आते हैं। इससे घरेलू विवाद, मारपीट, सार्वजनिक उपद्रव और अन्य असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार (Banbard Illegal Liquor) बढ़ने से सबसे ज्यादा चिंता युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर है। उन्होंने प्रशासन से शराब की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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गौ तीर्थ पर्यटन केंद्र की छवि पर चिंता
बानबरद क्षेत्र को भविष्य में गौ तीर्थ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और खुलेआम नशाखोरी जारी रही तो इसका पर्यटन विकास पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विकास योजनाओं के साथ क्षेत्र के सामाजिक वातावरण को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने को भी प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने वाले क्षेत्र में नशामुक्त वातावरण (Banbard Illegal Liquor) जरूरी है।
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पुलिस-आबकारी की संयुक्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने आवेदन में अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही पुलिस और आबकारी विभाग की नियमित निगरानी बढ़ाने तथा दोनों विभागों की संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।




