सीजी भास्कर, 05 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक ही गांव की तीन नाबालिग लड़कियों के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है, जिससे पूरे गांव में दहशत और तनाव का माहौल बन (Barabanki Missing Girls Case) गया है। बताया जा रहा है कि लड़कियां घर से खेत में बथुआ बीनने गई थीं, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने खोजबीन शुरू की, मगर रात तक कोई पता नहीं चला। तीनों के अचानक गायब होने से परिवारों में कोहराम है और लोगों को किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी है।
घटना बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिछलखा की है, जहाँ गुरुवार शाम करीब चार बजे तीनों किशोरियां खेत की ओर गईं और उसी दौरान लापता (Barabanki Missing Girls Case) हो गईं। गाँव में खबर फैलते ही अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण चारों ओर तलाश में जुट गए पर कोई सुराग नहीं मिला। लापता लड़कियों की पहचान क्रांति पुत्री राकेश कुमार, संतोषी पुत्री रमेश और काजल पुत्री शिवकुमार के रूप में हुई है। तीनों की उम्र 12 से 15 वर्ष बताई जा रही है। परिवार रो-रोकर बेसुध है और सभी की नजरें सिर्फ एक उम्मीद पर टिकी हैं कि बेटियाँ सुरक्षित मिल जाएं।
परिजनों ने घटना के तुरंत बाद रामनगर थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस टीम सक्रिय हो गई। थाना प्रभारी अनिल कुमार पांडेय के अनुसार मुकदमा दर्ज कर लिया (Barabanki Missing Girls Case) गया है और तीन अलग-अलग तलाश टीमें गठित की गई हैं। गांव के आसपास के खेतों, रास्तों, तालाब क्षेत्रों और संदिग्ध स्थानों में खोज अभियान जारी है। पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और इलाके की गतिविधियों पर नजर भी बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी ने कहा है कि टीम लगातार काम पर लगी है और मामले का खुलासा जल्द किया जाएगा।
गांव में चौतरफा चिंता और बेचैनी महसूस की जा सकती है। ग्रामीण भी तलाश में सहयोग कर रहे हैं और प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि बच्चियां सुरक्षित वापस लौट (Barabanki Missing Girls Case) आएंगी। परिजन और गांव के लोग प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि खोज अभियान तेज किया जाए ताकि किसी भी अनहोनी से पहले तीनों का पता लगाया जा सके। खोजी टीमें निरंतर सक्रिय हैं और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जल्द कोई ठोस सूचना मिले।





