सीजी भास्कर, 27 अगस्त : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत और बचाव कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह कार्रवाई (Bastar Flood Alert) प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तत्परता सुनिश्चित करने के लिए की गई।
राजस्व सचिव कंगाले ने बताया कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल विकासखंडों में प्रशासन लगातार राहत कार्य संचालित कर रहा है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं हेलीकॉप्टर और नाव की सहायता से कई ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। बीते 24 घंटों में 68 से अधिक लोगों को बचाया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। संभाग के सभी कलेक्टरों को भी निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने और सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के निर्देश दिए गए। इस कदम से (Bastar Flood Alert) प्रभावित जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में जुटे प्रशासनिक अमले, एसडीआरएफ और पुलिस बल के प्रयासों की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार आम जनता की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावितों को शीघ्र सहायता पहुंचाई जाएगी।