सीजी भास्कर, 26 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में (Bastar Heavy Rain) ने पिछले 24 घंटों से जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में लगातार हो रही तेज बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं। नेशनल हाईवे-30 पर केशलूर के पास 2 से 3 फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन बंद हो गया है और सैकड़ों वाहन फंस गए हैं।
सुकमा के झीरम नाले में एक कार बह गई, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता से चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसी तरह बीजापुर में भी एक पिकअप वाहन बाढ़ में फंस गया, हालांकि उसमें सवार सभी यात्री सुरक्षित निकल आए।
इंद्रावती, शंखनी और डंकनी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर के करीब है, जिससे कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। जगदलपुर के गोरिया बहार नाले में पानी पुल के ऊपर से बह रहा है।
यहां सांसद महेश कश्यप के घर के आसपास भी जलभराव हो गया है।
प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी करते हुए एसडीआरएफ की टीम को राहत और बचाव कार्य में लगाया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
बीजापुर में बाढ़ का कहर
बीजापुर जिले में (Bastar Heavy Rain) का सबसे बड़ा असर देखा गया है। देर रात से जारी मूसलाधार बारिश के चलते चेरपाल नदी में बाढ़ आ गई, जिससे करीब 100 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया।
नदी के दोनों किनारों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और एहतियातन नदी किनारे बसे घरों को खाली कराया जा रहा है। प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी है।
इंद्रावती नदी के मरकापाल घाट पर फंसे एक ग्रामीण कृष्णा जुर्री को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। वहीं जिले की औसत वर्षा 70.6% तक पहुंच चुकी है।
गंगालूर और कुटरू तहसील में 80% से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर वर्तमान में 5.52 मीटर पर है, जबकि खतरे का स्तर 12.50 मीटर माना जाता है।
दंतेवाड़ा में पुल ध्वस्त, जवान की जान बची
दंतेवाड़ा जिले में (Bastar Heavy Rain) के कारण बारसूर तहसील सबसे अधिक प्रभावित हुई है। यहां 2 सेंटीमीटर से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई। गीदम-बारसूर मार्ग पर राम मंदिर के पास गणेश बहार नाले का पुल बाढ़ में डूबकर क्षतिग्रस्त हो गया।
इसी दौरान सीएएफ का जवान भूषण सेठिया बाइक सहित बह गया। हालांकि उसने पेड़ पकड़कर जान बचाई और करीब तीन घंटे तक वहीं फंसा रहा। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीआरएफ व पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाकर जवान को सुरक्षित बाहर निकाला।
इधर डंकनी नदी उफान पर है, जिससे दंतेवाड़ा का पुराना पुल डूब गया। बालूद और बालपेट गांव की निचली बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे कई घर खाली करवाने पड़े।
बारसूर, रोजे और मटेनार समेत कई गांवों की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कटेकल्याण मार्ग पर भी पोंदुम व गाटम पुल डूबने से यातायात ठप हो गया है।
सुकमा में जलभराव और मकानों का नुकसान
सुकमा जिले में (Bastar Heavy Rain) ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। झीरम घाट और मारेंगा के पास सड़कें जलमग्न हो गई हैं। एक बाइक सवार बह गया लेकिन ग्रामीणों ने उसे बचा लिया।
हालांकि उसकी बाइक नाले में बह गई। तुंगलबांध का पानी नगर पालिका क्षेत्र में घुस आया, जिससे भाजपा कार्यालय तक में जलभराव हो गया।
मारेंगा गांव में दो घर पूरी तरह टूट गए और पांच घरों को नुकसान पहुंचा। छिन्दगढ़ ब्लॉक के कई गांवों में पुल व सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। शबरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर 6 मीटर तक पहुंच गया है।
जिला प्रशासन ने 24 घंटे सक्रिय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और आपातकालीन नंबर जारी किए हैं।
कोंडागांव-बास्तानार में पुल और सड़कें ध्वस्त
कोंडागांव व बास्तानार क्षेत्र भी (Bastar Heavy Rain) से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। किलेपाल धोबीपारा मार्ग पर बनी पुलिया धंस गई, जिससे दरभा और काकलूर का संपर्क टूट गया।
वहीं नेशनल हाईवे-63 के बाघमुंडी पनेडा मार्ग पर पुलिया से सटी सड़क बह गई। बुरगुरु मार्ग पर भी मुख्य सड़क बीच से कट जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कोड़ेनार-भानपुरी मार्ग धंस जाने से पूरे इलाके का संपर्क टूटा हुआ है।
कोंडागांव पुलिस और डीआरएफ की टीम ने कई गांवों से लोगों को सुरक्षित निकाला। \
कोड़ेनार थाना प्रभारी अमित पद्मशाली ने बताया कि प्रभावित इलाकों में जवानों को तैनात किया गया है और हर जगह बैरिकेड लगाकर सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
जनप्रतिनिधियों का दौरा और प्रशासन की अपील
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी ने मारेंगा का दौरा कर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें राहत पहुंचाने का भरोसा दिया।
नगर पालिका अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम व उपाध्यक्ष भुनेश्वरी यादव ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं और अफवाहों से बचें।
(Bastar Heavy Rain) ने पूरे संभाग में आपातकालीन स्थिति पैदा कर दी है।
बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। प्रशासन और राहत टीम लगातार सक्रिय हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अगले 24 घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।