सीजी भास्कर, 7 नवंबर | बस्तर (Bastar Olympic 2025) में खेल प्रतिभाओं का जश्न शुरू हो गया है। बस्तर विकासखंड में आयोजित बस्तर ओलंपिक का आगाज़ जोश और उमंग के साथ हुआ, जिसमें कबड्डी, बैडमिंटन, दौड़ और रस्साखींच जैसे पारंपरिक खेलों के मैदान गूंज उठे। इस बार आठ जोन से आए 688 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है और अपने खेल कौशल से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं।
- 3 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन: खेलों के प्रति बढ़ रहा है रुझान
- 11 खेलों में हो रही प्रतियोगिता: हर वर्ग के खिलाड़ी दे रहे हैं अपना सर्वश्रेष्ठ
- संयुक्त आयोजन से बढ़ा जोश: पंचायत और शिक्षा विभाग की साझा पहल
- बस्तर के युवाओं को मिला नया मंच: सांसद ने बढ़ाया उत्साह
- खेलों से जुड़ेगा बस्तर: पहचान और प्रगति की ओर एक कदम
3 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन: खेलों के प्रति बढ़ रहा है रुझान
पिछले साल जहां करीब 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने (Bastar Olympic) में भाग लिया था, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 3 लाख से अधिक पहुंच गई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में खेलों के प्रति लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। संभाग के हर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक खेलों की ऊर्जा दिखाई दे रही है।
11 खेलों में हो रही प्रतियोगिता: हर वर्ग के खिलाड़ी दे रहे हैं अपना सर्वश्रेष्ठ
ब्लॉक स्तरीय इस बस्तर ओलंपिक में 11 प्रकार की एकल और सामूहिक स्पर्धाएं शामिल हैं। इनमें सीनियर और जूनियर वर्ग के महिला और पुरुष खिलाड़ी (Bastar Sports Events) अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। कबड्डी और बैडमिंटन जैसे खेलों में तो मैदान पर रोमांच का अलग ही नज़ारा है।
संयुक्त आयोजन से बढ़ा जोश: पंचायत और शिक्षा विभाग की साझा पहल
यह आयोजन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल पर हो रहा है। बस्तर क्षेत्र के ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों से गठित आठ जोन के खिलाड़ी (Bastar Games 2025) इसमें प्रतिभा दिखा रहे हैं। मैदानों में ग्रामीण और शहरी खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिल रहा है।
बस्तर के युवाओं को मिला नया मंच: सांसद ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम का शुभारंभ बस्तर सांसद महेश कश्यप ने किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। (Bastar Olympic 2025) न सिर्फ खेल प्रतियोगिता है, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक बन चुका है।
खेलों से जुड़ेगा बस्तर: पहचान और प्रगति की ओर एक कदम
बस्तर ओलंपिक अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह बस्तर की नई पहचान बन गया है। खिलाड़ियों में यह भावना साफ झलकती है कि यह आयोजन उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का जरिया बन सकता है। Bastar Olympic 2025 के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को आत्मविश्वास और एक नया दृष्टिकोण मिल रहा है।



