सीजी भास्कर, 28 जनवरी | छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर ले जाने वाला Bastar Pandum Festival इस बार खास बनने जा रहा है। संभाग स्तरीय आयोजन में देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 फरवरी को शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगी, वहीं 8 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समापन समारोह में शिरकत करेंगे। यह आयोजन बस्तर की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और क्षेत्रीय आत्मनिर्भरता को नई पहचान देने वाला माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित बस्तर दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य के मुख्य सचिव विकास शील ने मंत्रालय स्तर पर उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और प्रोटोकॉल से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि Bastar Pandum Festival के दौरान किसी भी स्तर पर व्यवस्था में चूक न हो।
Bastar Pandum Festival की तैयारियों पर प्रशासन की नजर
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर कलेक्टर से जमीनी तैयारियों की जानकारी ली। बैठक में जनसंपर्क, गृह, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। आयोजन स्थल, आवास व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा घेराबंदी को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 फरवरी की रात रायपुर पहुंचेंगे। 8 फरवरी की सुबह वे राजधानी में नक्सलवाद पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और गृह मंत्री विजय शर्मा उपस्थित रहेंगे। इसके बाद अमित शाह बस्तर रवाना होकर Bastar Pandum Festival के समापन कार्यक्रम में भाग लेंगे।
Bastar Pandum Festival से बस्तर को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
इस आयोजन को केवल सांस्कृतिक महोत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की बदलती छवि का प्रतीक माना जा रहा है। राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी से यह संदेश जाएगा कि बस्तर अब सिर्फ संघर्ष नहीं, बल्कि संस्कृति, विकास और संभावनाओं का केंद्र बन रहा है। Bastar Pandum Festival स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और जनजातीय समुदायों के लिए नई उम्मीद लेकर आ रहा है।




