सीजी भास्कर, 17 जनवरी। सब कुछ रिकॉर्ड में सही दिख रहा था, स्टॉक रजिस्टर भी भरे हुए थे और आंकड़े (Bemetara Rice Procurement) भी पूरे। लेकिन जब ज़मीन पर सच्चाई परखी गई, तो तस्वीर बिल्कुल उलटी निकली। बोरे गिने गए, गोदाम खंगाले गए और फिर सामने आया ऐसा अंतर, जिसने सिस्टम पर ही सवाल खड़े कर दिए।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्थित सरदा लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। भौतिक सत्यापन के दौरान यहां से 53 हजार क्विंटल से अधिक धान गायब पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 17 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले को गंभीर मानते हुए संग्रहण केंद्र के प्रभारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
जांच में सामने आया कि पिछले खरीदी सत्र में विभिन्न सहकारी समितियों के माध्यम से केंद्र में लगभग 65 हजार क्विंटल धान जमा किया (Bemetara Rice Procurement) गया था। लेकिन निरीक्षण के दौरान मौके पर सिर्फ करीब 11 हजार क्विंटल धान ही मौजूद मिला। शेष धान के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
संयुक्त जांच दल द्वारा की गई इस कार्रवाई में खाद्य, सहकारिता और मंडी विभाग के अधिकारी शामिल रहे। रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण में बड़ा अंतर पाया गया, जिसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना जा रहा है।
प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल (Bemetara Rice Procurement) की जा रही है। संकेत मिले हैं कि जांच के दायरे में अन्य जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित संस्थाएं भी आ सकती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।




