सीजी भास्कर, 17 मई। कांकेर और आसपास के इलाकों में रविवार दोपहर जैसे ही भरत मटियारा के निधन की खबर फैली, राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक का माहौल (Bharat Matiyara) छा गया। भाजपा कार्यकर्ता और उनके करीबी लगातार एक दूसरे से संपर्क कर जानकारी लेते रहे। कई जगहों पर लोगों ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और संगठन में निभाई भूमिका को याद किया।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। इलाज के लिए पहले रायपुर में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में हालत को देखते हुए उन्हें हैदराबाद ले जाया गया। वहां निजी अस्पताल में उनका उपचार जारी था।
इलाज के दौरान हुआ निधन : Bharat Matiyara
राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त और मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा का हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही भाजपा नेताओं और समर्थकों में दुख की लहर फैल गई।
लंबे समय से राजनीति में थे सक्रिय
जानकारी के मुताबिक भरत मटियारा भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे थे। वे दो बार कांकेर भाजपा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। इसके अलावा उन्हें दूसरी बार मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था।
एक महीने पहले बिगड़ी थी तबीयत
करीबी लोगों के अनुसार करीब एक महीने पहले अचानक उनकी तबीयत खराब हुई थी। पहले रायपुर में उनका इलाज कराया गया, लेकिन बाद में बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद भेजा गया था। वहीं उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक
उनके निधन के बाद भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा दुख (Bharat Matiyara) जताया है। कई लोगों ने उन्हें संगठन से जुड़ा सक्रिय और सरल स्वभाव का नेता बताया। कांकेर समेत आसपास के क्षेत्रों में उनके निधन की खबर के बाद शोक का माहौल बना हुआ है।



