सीजी भास्कर, 18 मार्च। भिलाई के जामुल-कुरूद क्षेत्र में प्रस्तावित बायोफ्यूल और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट को लेकर चल रहे (Bhilai Biofuel Plant Controversy) विवाद पर स्थानीय विधायक रिकेश सेन की बड़ी पहल रंग लाई है।
सदन में इस विषय पर हुई चर्चा के उपरांत विधायक रिकेश सेन ने स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर उन्हें जनभावनाओं से अवगत कराया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उक्त प्लांट को आबादी वाले क्षेत्र से हटा कर किसी निर्जन स्थान पर स्थानांतरित करने पर अपनी सहमति दे दी है।
जनता की चिंता को दी प्राथमिकता : Bhilai Biofuel Plant Controversy
गौरतलब है कि नगर निगम भिलाई द्वारा जामुल और कुरूद में लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से 130 टन प्रतिदिन क्षमता वाला नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण प्लांट प्रस्तावित था। इसके लिए 11 दिसंबर 2025 को लीज डीड भी निष्पादित (Bhilai Biofuel Plant Controversy) कर दी गई थी। हालांकि, स्थानीय रहवासियों में इस बात को लेकर भारी चिंता थी कि आबादी के इतने पास प्लांट होने से भविष्य में प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
सदन से मुख्यमंत्री के कक्ष तक संघर्ष
विधायक रिकेश सेन ने इस मामले को सदन में प्रमुखता से उठाया। यद्यपि शासकीय उत्तर में पूर्व में स्थल परिवर्तन का कोई विचार नहीं होने की बात कही गई थी किंतु विधायक रिकेश सेन ने हार नहीं मानी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विस्तार से समझाया कि जनहित में इस प्लांट का आबादी से दूर होना क्यों आवश्यक है।
मुख्यमंत्री द्वारा स्थल परिवर्तन की सहमति मिलने पर विधायक रिकेश सेन ने उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भिलाई की जनता का हित मेरे लिए (Bhilai Biofuel Plant Controversy) सर्वोपरि है। स्थानीय रहवासियों की मंशा के अनुरूप इस प्लांट को अब आबादी से दूर किसी उपयुक्त निर्जन स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सायजी का आभारी हूँ कि उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए इस ऐतिहासिक निर्णय पर अपनी मुहर लगाई। यह लोकतंत्र और जनता की आवाज की जीत है।
स्थानीय रहवासियों में हर्ष
इस निर्णय की जानकारी मिलते ही जामुल और कुरूद क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। विधायक रिकेश सेन की इस त्वरित और प्रभावी पहल को क्षेत्र की जनता ने ‘स्वागतेय’ और ‘ऐतिहासिक’ बताया है।





