सीजी भास्कर, 16 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला मामला (Bilaspur Police Brutality) सामने आया है। यहां अपने केस की जानकारी लेने थाने पहुंचे एक युवक के साथ ASI ने कथित तौर पर मारपीट कर दी। पीड़ित का आरोप है कि ASI दिनेश तिवारी ने उसे 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए, जिससे उसका कान सुन्न पड़ गया और उसे सुनने में परेशानी होने लगी।
केस की जानकारी मांगना पड़ा भारी
पीड़ित ने आरोप लगाया कि केस की जानकारी मांगने पर ASI ने गाली-गलौज करते हुए 20 थप्पड़ (Bilaspur Police Brutality) मार दिए और जेल भेजने की धमकी भी दी। जानकारी के मुताबिक, रतनपुर के बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल 12 अप्रैल को अपने पुराने केस की जानकारी लेने थाने पहुंचे थे।
दोपहर करीब 2:30 बजे उनकी मुलाकात ASI दिनेश तिवारी से हुई। विनोद ने अपने केस की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आग्रह किया, जिस पर ASI भड़क गया और मारपीट (Bilaspur Police Brutality) शुरू कर दी।
गाली-गलौज और धमकी का आरोप
पीड़ित का कहना है कि ASI ने न केवल थप्पड़ मारे, बल्कि गाली-गलौज करते हुए धमकी दी—“तेरी सारी नेतागिरी निकाल दूंगा, तुझे जेल भिजवा दूंगा।” इस दौरान थाने का अन्य स्टाफ भी मौजूद था, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। इस घटना (Bilaspur Police Brutality) ने पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पैसों की मांग का भी आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के बदले ASI द्वारा पैसों की मांग (Bilaspur Police Brutality) भी की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी और ट्रेनी आईपीएस अंशिका जैन ने SSP रजनेश सिंह को अवगत कराया। SSP ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ASI दिनेश तिवारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया और जांच के आदेश दिए हैं।
ASI के खिलाफ FIR दर्ज
मारपीट के बाद पीड़ित का कान सुन्न पड़ गया है और उसे सिरदर्द व सुनने में परेशानी की शिकायत है। SSP के निर्देश पर पीड़ित की शिकायत के आधार पर उसी थाने में ASI के खिलाफ FIR (Bilaspur Police Brutality) दर्ज कर ली गई है। यह पूरा मामला पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही और आम नागरिकों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर बहस खड़ी कर रहा है।


