सीजी भास्कर, 30 नवंबर। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा इसी सप्ताह होने की संभावना है। पिछले तीन दिनों से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की लगातार बैठकें हो रही हैं, जिससे (BJP President Race) की चर्चा और तेज हो गई है। मंगलवार को संगठन चुनावों के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्ष के. लक्ष्मण की अमित शाह से मुलाकात को भी इसी संकेत से जोड़ा जा रहा है। बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा पार्टी पदाधिकारियों को दिए जाने वाले रात्रिभोज पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं। हालांकि इसे बिहार की जीत का जश्न बताया जा रहा है, लेकिन भीतरखाने इसे बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
नए अध्यक्ष के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, शिवराज सिंह चौहान, सुनील बंसल और मनोहर लाल जैसे नामों की चर्चा लंबे समय से है, मगर भाजपा में अंतिम समय में चौंकाने वाला नाम सामने आना कोई नई बात नहीं। रणनीतिक जानकारों का कहना है कि (BJP President Race) को लेकर फैसला अगले तीन दिनों में हो सकता है।
28, 29 और 30 नवंबर को रायपुर में डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस हो रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों की मौजूदगी ने अटकलों को और मजबूती दी है। परंपरागत रूप से भाजपा शीतकालीन सत्र (1–19 दिसंबर) के बाद बड़े बदलाव को मकर संक्रांति के आसपास अंतिम रूप देती है, लेकिन इस बार संभावना है कि फैसला उससे पहले ही हो जाए।
करीब एक साल से टल रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर बिहार विधानसभा चुनाव के बाद घोषणा होने की चर्चा थी। सूत्रों के अनुसार, शनिवार रात अमित शाह, जेपी नड्डा और बीएल संतोष के बीच लंबी रणनीतिक बैठक हुई। इसके बाद शाह की कई नेताओं से सीधे बातचीत हुई। पिछले तीन दिनों से अमित शाह का सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहना भी राजनीतिक संकेतों से जोड़ा जा रहा है।
भाजपा ने पिछले साल अक्टूबर में जिला से राष्ट्रीय स्तर तक के संगठन चुनावों की तारीखें तय कर दी थीं। लेकिन दिल्ली चुनाव, ऑपरेशन सिंदूर और आधे से अधिक राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव लंबित रहने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। जुलाई में यह चरण पूरा हुआ, मगर इसे बिहार चुनाव तक टाल दिया गया।
जेपी नड्डा को 2020 में तीन साल के लिए अध्यक्ष चुना गया था। उनका कार्यकाल लोकसभा चुनाव को देखते हुए 30 जून 2024 तक बढ़ाया गया। लेकिन नया अध्यक्ष न चुने जाने से वे पद पर बने हुए हैं। भाजपा-आरएसएस के बीच मतभेद की चर्चाएं भी उभरीं, परंतु अगस्त में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्पष्ट कर दिया कि यह निर्णय पूरी तरह भाजपा का आंतरिक मामला है। इससे (BJP President Race) पर अंतिम निर्णय का रास्ता साफ माना जा रहा है।
