दुर्ग। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (1 मई) के अवसर पर छत्तीसगढ़ में पारंपरिक ‘बोरे बासी दिवस’ मनाया गया। दुर्ग स्थित राजीव भवन में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बोरे बासी का सेवन कर श्रमिकों को शुभकामनाएं दीं।(Celebration of ‘Bore Basi Diwas’ on Labour Day)
श्रमिकों का पारंपरिक भोजन, गर्मी में ‘अमृत’ : Celebration of ‘Bore Basi Diwas’ on Labour Day
इस मौके पर बघेल ने कहा कि बोरे बासी छत्तीसगढ़ के किसान और मजदूर वर्ग का प्रमुख आहार है। उनकी सरकार ने इसे ‘बोरे बासी दिवस’ के रूप में पहचान दिलाई थी।
उन्होंने इसे गर्मी के मौसम में “अमृत” बताते हुए कहा कि इसमें भरपूर पोषक तत्व और विटामिन होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं।कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, धीरज बाकलीवाल, राकेश ठाकुर सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने पारंपरिक भोजन का आनंद लिया।
सुशासन तिहार पर भाजपा सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान भाजपा सरकार के ‘सुशासन तिहार’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन के नाम पर अव्यवस्था फैली हुई है।
बघेल के अनुसार:
प्रदेश में बिजली संकट बना हुआ है
शराब बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है
किसानों को खाद नहीं मिल रही
मजदूरों और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही सुशासन है?
2026 चुनाव को लेकर कांग्रेस का दावा
विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर बघेल ने कांग्रेस की स्थिति मजबूत होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कई राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करेगी, खासकर केरल, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और असम में।साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार का संचालन राज्य से बाहर, दिल्ली या अहमदाबाद से हो रहा है, जिससे प्रदेश की जनता प्रभावित हो रही है। (Celebration of ‘Bore Basi Diwas’ on Labour Day)

