सीजी भास्कर, 17 सितम्बर। कई सालों से ग्रामीणों की एक बड़ी मांग अधूरी पड़ी थी। बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित (Bridge Construction) हो जाता था और लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। बच्चे स्कूल और मरीज अस्पताल तक आसानी से नहीं पहुंच पाते थे। लोग लंबे समय से उम्मीद लगाए बैठे थे कि उनकी इस समस्या का स्थायी समाधान होगा। आखिरकार, प्रदेश सरकार ने उस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने का फैसला ले लिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धौरासांड से दाईजबहार मार्ग पर ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्माण कार्य निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही शुरू किया जाएगा। पुल निर्माण (Bridge construction) हो जाने से न सिर्फ हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी बल्कि यह क्षेत्र विकास की नई राह पर भी आगे बढ़ेगा।
मिलेगी आवागमन की बड़ी सुविधा
पुल बनने के बाद फरसाबहार क्षेत्र के दाईजबहार, बरकशपाली, साजबहार, बामहनमारा, तपकरा से धौरासांड, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा और तुबा जैसे गांवों की दूरी काफी घट जाएगी। ग्रामीणों को अब लम्बा चक्कर लगाकर यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय की बचत के साथ ईंधन और संसाधनों की खपत भी कम होगी। लोगों का कहना है कि यह पुल उनके जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगा। यह पुल निर्माण (Bridge construction) ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
ओडिशा और झारखंड से होगा सीधा संपर्क
ईब नदी पर बनने वाला यह उच्च स्तरीय पुल केवल स्थानीय जरूरत पूरी नहीं करेगा बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी बड़ी भूमिका निभाएगा। यह मार्ग छत्तीसगढ़ को सीधे ओडिशा और झारखंड राज्यों से जोड़ देगा। संपर्क बढ़ने से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं
फरसाबहार क्षेत्र के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह पुल न केवल आवागमन आसान करेगा बल्कि बच्चों की शिक्षा और मरीजों के इलाज जैसी बुनियादी समस्याओं का भी समाधान होगा। क्षेत्र के लोगों का विश्वास है कि यह पुल निर्माण (Bridge construction) उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाएगा और विकास की नई दिशा तय करेगा।



