सीजी भास्कर, 11 जुलाई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला (BSc Nursing Admission) सुनाते हुए राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए 10 प्रतिशत न्यूनतम परसेंटाइल के नियम को रद्द कर दिया है। जस्टिस एके प्रसाद की एकलपीठ ने कहा कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) द्वारा छूट दिए जाने के बाद राज्य सरकार को अपनी ओर से नया परसेंटाइल नियम लागू करने का अधिकार नहीं था। कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर नया काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर मेरिट के आधार पर खाली सीटों पर प्रवेश देने का निर्देश दिया है।
यह मामला शैक्षणिक सत्र 2025-26 की बीएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ा है। प्रदेश में बीएससी नर्सिंग की कुल 7,811 स्वीकृत सीटें हैं। शुरुआती काउंसलिंग के बाद 4,147 सीटें खाली रह गई थीं। बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रहने पर राज्य सरकार ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल से न्यूनतम परसेंटाइल की अनिवार्यता में छूट देने का अनुरोध किया था। इसके बाद 29 दिसंबर 2025 को काउंसिल ने परसेंटाइल की शर्त में राहत दे दी थी।
राज्य सरकार ने खुद लागू किया 10% परसेंटाइल
आईएनसी से छूट मिलने के बावजूद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पूरी राहत देने के बजाय 10 प्रतिशत न्यूनतम परसेंटाइल की नई शर्त लागू कर दी। इस फैसले के कारण राहत मिलने के बाद भी 2,000 से अधिक सीटें खाली रह गईं। इसके खिलाफ छात्रों और प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट बोला- केंद्र के नियम बदलने का अधिकार नहीं
अपने 52 पन्नों के फैसले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नर्सिंग शिक्षा के मानक तय करने का अधिकार केवल इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के पास है। जब केंद्रीय संस्था ने परसेंटाइल की शर्त में छूट दे दी थी, तब राज्य सरकार या चिकित्सा शिक्षा आयुक्त अपनी ओर से नया नियम लागू नहीं कर सकते। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार केवल केंद्रीय नियमों को लागू करने वाली संस्था है, उनमें संशोधन करने की अधिकार प्राप्त नहीं है।
आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को हुआ नुकसान
कोर्ट ने माना कि 10 प्रतिशत परसेंटाइल की शर्त के कारण आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों के कई योग्य छात्र प्रवेश से वंचित रह गए। इसलिए सरकार को निर्देश दिया गया है कि अगले 15 दिनों के भीतर नई काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर सभी रिक्त सीटों को प्रवेश परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की मेरिट के आधार पर भरा जाए।
12वीं पास अभ्यर्थियों को मिलेगा मौका
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान (PCB) विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण और प्रवेश परीक्षा में शामिल सभी पात्र अभ्यर्थी मेरिट के आधार पर प्रवेश के लिए पात्र होंगे। साथ ही कोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों को निर्देश दिया है कि देरी से प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं, प्रायोगिक प्रशिक्षण और अकादमिक व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि निर्धारित उपस्थिति और पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया जा सके।



