सीजी भास्कर, 21 जून : भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP Iron Theft Case) से ब्लू डस्ट की आड़ में करीब 250 टन लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। मामले के मुख्य आरोपी एवं कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह से लगातार पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसकी चल-अचल संपत्तियों, आर्थिक लेन-देन और कारोबारी नेटवर्क की भी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नवीन गिरफ्तारी के बाद अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच से इस संगठित चोरी गिरोह से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
दो और आरोपी गिरफ्तार, बढ़ी गिरफ्तारियों की संख्या
पुलिस के अनुसार रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपी संजय सिंह और उसके सहयोगी उपेंद्र ओझा से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर कार्रवाई की गई। इसी क्रम में आकाश कुमार सिंह (29) निवासी हाउसिंग बोर्ड जामुल तथा अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा (45) निवासी सेक्टर-2 को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी लंबे समय से संजय सिंह के संपर्क में थे और चोरी किए गए लोहे को प्लांट से बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
ब्लू डस्ट से भरी गाड़ियों में छिपाकर निकाला जाता था लोहा
पुलिस जांच के मुताबिक चोरी किए गए स्क्रैप और लोहे को ब्लू डस्ट (BSP Iron Theft Case) से भरे वाहनों में छिपाकर प्लांट से बाहर निकाला जाता था। इसके बाद सामग्री को अलग-अलग ठिकानों तक पहुंचाया जाता था, जहां उसे खपाने की व्यवस्था की जाती थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क के जरिए लंबे समय से संचालित किया जा रहा अवैध कारोबार था।
संपत्ति और आर्थिक लेन-देन की पड़ताल
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब संजय सिंह की संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और वित्तीय लेन-देन की जानकारी भी खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी के इस कथित कारोबार से अर्जित धनराशि का उपयोग कहां और किस रूप में किया गया। साथ ही उन लोगों की भी पहचान की जा रही है जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस नेटवर्क से जुड़े रहे हैं।
पुराने कबाड़ी कारोबारी की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सिंडिकेट की नई परतें सामने आ रही हैं। पुलिस की नजर अब उन लोगों पर भी है जो प्लांट संचालन, स्क्रैप परिवहन और चोरी के लोहे को खपाने के काम में शामिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एक पुराने कबाड़ी कारोबारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस उसके संबंधों और आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।





