सीजी भास्कर, 13 जनवरी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लैविट (Carolyn Lavitt) ने अमेरिका -ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। लैविट ने ईरान को धमकी भरे लहजे में साफ तौर कहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी एक रास्ते तक सीमित नही हैं। उन्होंने आगे कहा ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। हालांकि कूटनीति उनकी पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले वाले विकल्प हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने आगे कहा ईरान और वहां के प्रशासक खामेनेई यह बात सबसे बेहतर तरीके से जानते है कि ट्रंप जरूरत पड़ने पर अपनी सैन्य शक्ति के इस्तेमाल से नहीं हिचकते। यही छवि ट्रंप को दूसरे नेताओं से अलग बनाती है। अगर कूटनीति काम नहीं करती तो ट्रंप सैन्य और हमलों वाले विकल्पों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार रहते हैं। हालांकि ईरान के संबंध में हाल फिलहाल अमेरिका ने कोई अंतिम डिसीजन नहीं लिया है।
मीडिया से बातचीत करते हुए कैरोलिन लैविट (Carolyn Lavitt) ने कहा ट्रंप ईरान के मौजूदा हालातों पर नजर बनाए हुए हैं वे वहां की स्थिति को बेहद करीब से देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा अमेरिकी खुफिया तंत्रों से मिल रहे संदेश और ईरानी शासन की ओर सार्वजनिक मंचों से सामने आ रहे बयानों को ट्रंप सीरियस तौर पर देख रहे है और ये समझने की कोशिश कर रहे है कि बातचीत की वास्तविक गुंजाइश है या नहीं।
व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि आगामी दिनों में ईरान से मिले निजी संदेशों की गहन समीक्षा के बाद ही अमेरिका अगला कदम तय करेगा। फिलहाल अमेरिका बातचीत का दरवाजा खुला रखना चाहता है, लेकिन दबाव और ताकत की नीति भी समानांतर रूप से चलती रहेगी।
लैविट (Carolyn Lavitt) का कहना है कि ट्रंप हमेशा पहले बातचीत और राजनयिक रास्ते को प्रथामिकता देते हैं। ट्रंप का मानना है कि टकराव से पहले सभी शांतिपूर्ण विकल्पों पर विचार करना चाहिए ,और उन्हें अपनाना चाहिए। लैविट ने आगे कहा अगर अमेरिका की सुरक्षा या हितों को खतरा हुआ तो ट्रंप प्रशासन कठोर फैसले लेने से बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे। पहले भी कई मौकों पर ट्रंप ने दिखाया कि वो सैन्य विकल्पों से नहीं डरते।






