सीजी भास्कर, 13 जनवरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर सनसनीखेज हिंसक (CCTV Footage Crime) वारदात से दहल गई। शहर में बढ़ते अपराधों की कड़ी में यह मामला रिश्ते, नशे और बेकाबू गुस्से के खतरनाक मेल को उजागर करता है। एक बार में मामूली विवाद के बाद युवती पर बियर की बोतल से किया गया हमला आखिरकार उसकी जान ले गया। मृतिका की पहचान वेदिका सागर के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वेदिका और आरोपी टी. सुनील राव उर्फ शीनू लंबे समय से रिलेशनशिप में थे। दोनों के परिवारों में शादी की बातचीत भी चल रही थी, लेकिन 21 दिसंबर की दोपहर एक पल की हिंसा ने सब कुछ खत्म कर दिया। दोनों शहर के एक बार में बियर पीने पहुंचे थे। शराब के नशे में किसी बात को लेकर बहस बढ़ी और देखते ही देखते आरोपी ने आपा खो दिया। उसने वेदिका के सिर पर बियर की बोतल से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ी।
बार में मौजूद स्टाफ ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। गंभीर हालत में वेदिका को अस्पताल में भर्ती (CCTV Footage Crime) कराया गया, जहां वह 23 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। सोमवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग थाने पहुंचे और आरोपी पर हत्या की धाराओं में सख्त कार्रवाई की मांग की।
सीसीटीवी ने खोली पूरी कहानी
घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सामने आ चुका है, जिसमें आरोपी की बर्बरता साफ दिखाई देती है। वीडियो में वह पहले बोतल से वार करता है, फिर बाल पकड़कर कुर्सी से नीचे गिराता है और चेहरे पर हमला करता नजर आता है। फर्श पर फैला खून इस बात की गवाही देता है कि हमला कितना घातक था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को घटना के अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। पहले युवती के जीवित होने पर हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अब मौत के बाद केस को हत्या में तब्दील कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
क्या कहती है पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि हमला सुनियोजित (CCTV Footage Crime) नहीं था, लेकिन अत्यधिक शराब के नशे और गुस्से ने वारदात को अंजाम तक पहुंचाया। सभी साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट केस डायरी में संलग्न की जा रही हैं।
रिश्तों में बढ़ती हिंसा
विशेषज्ञों का मानना है कि शराब के साथ बढ़ती रिलेशनशिप वायलेंस की घटनाएं चिंता का विषय हैं। छोटी बहस का हिंसा में बदल जाना सामाजिक चेतावनी है, जिस पर गंभीर मंथन की जरूरत है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि शहरों में बढ़ते अपराध, नशे की लत और रिश्तों में असहिष्णुता किस दिशा में समाज को ले जा रही है।




