सीजी भास्कर, 4 फरवरी। छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों की हड़ताल पर अब पूरी तरह से रोक (CG Board Exam) रहेगी। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षा से जुड़े सभी कार्यों को आवश्यक सेवा घोषित कर दिया है। इसके तहत परीक्षा संचालन, गोपनीय कार्य, मूल्यांकन और उससे जुड़े हर दायित्व को अनिवार्य माना जाएगा।
सरकार द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी कार्य से इनकार करने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध 15 फरवरी 2026 से लागू होगा और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य की समाप्ति तक, यानी 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान हड़ताल या कार्य बहिष्कार को पूरी तरह गैरकानूनी माना जाएगा।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाएं राज्य की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ (CG Board Exam) मानी जाती हैं। इन परीक्षाओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा होता है। सरकार का मानना है कि परीक्षा कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न केवल प्रशासनिक अव्यवस्था पैदा करती है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोकहित के भी खिलाफ है।
जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है या कार्य करने से इनकार करता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत कार्रवाई
सरकार ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 की धारा 4(1) के तहत यह आदेश (CG Board Exam) लागू किया है। आदेश के अनुसार, अधिनियम की अनुसूची के भाग ‘ख’ में शामिल सभी कर्मचारी परीक्षा से संबंधित किसी भी कार्य से पीछे नहीं हट सकेंगे।
सरकार के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी तरह का विरोध या हड़ताल अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और परीक्षा व्यवस्था से समझौता करने वालों पर सीधी कार्रवाई तय है।




