सीजी भास्कर 6 मार्च बलौदाबाजार। CG Health Department: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर अस्पतालों में व्यवस्थाओं और सरकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में संस्थागत प्रसव के मामलों में कमजोर प्रदर्शन सामने आने पर सिमगा, पलारी और कसडोल के बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में सामने आई कमियां
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए और मरीजों के साथ सकारात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिकारियों से कहा गया कि वे नियमित रूप से अस्पतालों का निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाएं।
फील्ड विजिट बढ़ाने और रणनीति बनाने के निर्देश
कलेक्टर ने बीएमओ को निर्देश दिया कि वे केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और अस्पतालों की वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने कहा कि जिन विकासखंडों में स्वास्थ्य योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो रहा है, वहां से समन्वय कर सीखने और प्रशिक्षण लेने की व्यवस्था की जाए, ताकि सभी क्षेत्रों में एक समान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
अस्पतालों को ‘रिफरल सेंटर’ बनने से रोकने की हिदायत
बैठक में यह भी कहा गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से अनावश्यक रूप से मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए। केवल गंभीर स्थिति में ही मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल भेजा जाए। इसी तरह जिला अस्पताल से भी अत्यंत जरूरी होने पर ही मरीजों को रायपुर या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो सके।
कई स्वास्थ्य योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया उन्मूलन अभियान, टीबी मुक्त भारत मिशन, संस्थागत प्रसव, स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड और वय वंदन कार्ड जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर माह विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी और पिछली बैठकों में बताई गई कमियों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।





