सीजी भास्कर, 02 अप्रैल। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में मानव-हाथी संघर्ष (CG Human-Elephant Conflict) की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हो रही है। जबकि हाथियों की संख्या लगातार कम हो रही है, वहीं इन विशाल जीवों द्वारा मानवों पर हमलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में 90 हाथियों और 303 लोगों ने हाथी के हमलों में अपनी जान गंवाई है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि मानव-हाथी संघर्ष में निरंतर वृद्धि हो रही है, और हाथियों की घटती संख्या भविष्य में गंभीर संकट का कारण बन सकती है।
हाथियों की घटती संख्या और बढ़ते संघर्ष (CG Human-Elephant Conflict)
2017 में देशभर में हुई हाथियों की गणना में 27,312 हाथियों की संख्या दर्ज की गई थी। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में अकेले 90 हाथियों की मौत हो चुकी है।
इस अवधि में पूरे देश में 528 हाथियों की मृत्यु हुई है। इसके साथ ही, हाथियों के हमलों में भी वृद्धि देखी गई है। इस दौरान, देशभर में 2,833 लोग हाथियों के हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं।
सरकार की भूमिका और भविष्य की दिशा (CG Human-Elephant Conflict)
हाथियों के संरक्षण के लिए एक ठोस योजना की आवश्यकता है, जिसमें उनके लिए कॉरिडोर का निर्माण, वनों की सुरक्षा, और मानव-हाथी संघर्ष के समाधान पर ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही, हाथियों की ट्रैकिंग व्यवस्था और जीन-पूल की रक्षा के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
केदार कश्यप ने कहा कि हाथी कॉरिडोर बनाने की चर्चा लंबे समय से हो रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह समय की मांग है कि हम हाथियों के लिए सुरक्षित मार्ग और उनके संरक्षण की योजनाओं पर काम करना शुरू करें।