सीजी भास्कर, 18 मार्च। छत्तीसगढ़ में तेज रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों में एक स्कूली छात्र समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग (CG Road Safety Issue) घायल भी हुए हैं। इन घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है और पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिलासपुर में मासूम की मौत, स्कूल जाते वक्त टूटी जिंदगी
बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र में सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। 12 वर्षीय छात्र जयवंत पटेल साइकिल से स्कूल जा रहा था, तभी तेज रफ्तार बस ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद बस अनियंत्रित होकर खेत में जा घुसी। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोरबा में ट्रेलर का कहर, तीन युवकों की मौके पर मौत
कोरबा जिले में कोयले से भरे ट्रेलर ने बाइक सवार तीन युवकों को कुचल दिया। टक्कर के बाद ट्रेलर पलट (CG Road Safety Issue) गया और तीनों युवक उसके नीचे दब गए। हाइड्रा मशीन की मदद से शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान बृजपाल सिंह कंवर, मंगल सिंह और ओमप्रकाश के रूप में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और सड़क पर चक्का जाम कर दिया गया। लोग मुआवजे और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बालोद में तीन वाहनों की टक्कर, हाईवे पर अफरा-तफरी
बालोद जिले के NH-30 पर मरकाटोला घाट के पास तीन वाहनों की भिड़ंत हो गई। हादसे की शुरुआत एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने से हुई, जिसके बाद पीछे आ रही गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सामान्य कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
लोरमी में तेज रफ्तार ने छीनी एक और जान
लोरमी में एक तेज रफ्तार माजदा वाहन ने स्कूटी सवार युवक को टक्कर (CG Road Safety Issue) मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
हर दिन हादसे, कब थमेगी रफ्तार की लापरवाही?
प्रदेश में लगातार हो रहे सड़क हादसे यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाही लोगों की जान लेती रहेगी। प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि सख्ती के साथ सड़क सुरक्षा नियमों को लागू किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।





